रिपोर्ट आरिफ कुरैशी
रामगढ़। राष्ट्रीय फ्लोरोसिस नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत मंगलवार को डॉ० महालक्ष्मी प्रसाद, सिविल सर्जन, रामगढ़ एवं डॉ० तुलिका रानी, जिला नोडल पदाधिकारी एनपीपीसीएफ के संयुक्त नेतृत्व में मध्य विद्यालय कैंट, नईसराय में एक दिवसीय जाँच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विद्यालय के पानी के सैंपल में भी फ्लोराईड की जाँच की गयी। कुल मिलाकर 89 बच्चे की जाँच डॉ. पल्लवी कौशल, जिला सलाहकार एवं जूही ज्योति आम सोसो के द्वारा की गई।

कुल 37 बच्चों में जाँच उपरान्त लक्ष्ण पाए जाने पर उनके पैशाव का सैंपल लेकर एल.टी जीतेन्द्र कुमार के द्वारा जॉच उपरान्त 22 बच्चों में इस बिमारी कि पुष्टि हुई। शिविर में जाँच के साथ-साथ फ्लोरोसिस बीमारी से संबंधित जानकारी भी बच्चों व स्कुल के स्टाफ को दी गई। डॉ. पल्लवी कौशल के द्वारा बताया गया कि फ्लोरोसिस बीमारी पीने के पानी में अधिक मात्रा में पाये जाने वाले फ्लोराइड तत्व के कारण होती हैं व साथ ही साथ सेंधा नमक, काला नमक, लाल चाय के सेवन से भी फ्लोरोसिस की बीमारी की संभावना बढ़ जाती है।
साथ ही साथ उन्होंने ये भी बताया कि सभी को अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जीयां, खटटे फल जैसें संतरा, निबू, आवला एवं दूध से बने पदार्थ खाने की सलाह दी, जिससे की शरीर में फ्लोराइड इक्टठा नही होता हैं। उनके द्वारा यह भी बताया कि सदर अस्पताल, रामगढ़ में निःशुल्क कोई भी अपने पीने के पानी एवं पैशाव में फ्लोरोसिस बीमारी की जाँच करवा सकता हैं। शिविर को सफल बनाने हेतु संबंधित क्षेत्र की सी०एच०ओ०, सहिया एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों का विशेष योगदान रहा।


