रिपोर्ट आरिफ कुरैशी
रामगढ़। मंगलवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उप विकास आयुक्त आशिष अग्रवाल एवं वन प्रमंडल पदाधिकारी नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सिदो कान्हू कृषि एवं वनोपेज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ उप विकास आयुक्त वन प्रमंडल पदाधिकारी जिला सहकारिता पदाधिकारी श्री मनोज कुमार सहित अन्य के द्वारा दिप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यशाला के दौरान जानकारी दी गयी कि ग्रामीणों को अब वनोपज का मलिकाना हक मिलेगा।
इसके लिए प्रशासन सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज सहकारी संघ का गठन कर अनुसूचित जनजाति एवं ग्रामीणों को वनोपज उत्पादन एवं संग्रहित उत्पादों का उचित पारिश्रमिक दिलाने की कवायत शुरू की है। इसमें कृषि एवं वनोपज जैसे धान, गेहूँ, सब्जी, फल, कुटकी, सरगुज, चिरौंजी, नट चिरोता, आवला, बिडी पत्ता, महुआ, करंज, हरे, बहेरा, रेशम, तशर, लाह आदि का उत्पादन संकलन प्रसंस्करण, अनुसंधान तथा विकास की विभिन्न गतिविधियों को सहकारी आधार पर संगठित किया जायेगा।
क्रय विक्रय को ऐसी व्यवस्था होगी जिसमें सदस्यों को सर्वोतम लाभ मिल सके। जिला सभागार में सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज सहकारी संघ लि० की समीक्षा बैठक में सहकारिता पदाधिकारी ने प्रेजेंटेंशन के माध्यम से प्रस्तावित कार्य योजना की जानकारी दी। इस विषय पर लैम्पस पैक्स के अलावा सहकारी समितियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार गंभीर है। पैक्स में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता बढ़ाने की जरूरत है। लोग सहकारी समिति बनाकर कार्य करे ताकि इसके लिए समितियों को ऋण उपलब्ध कराया जा सके।
सब्जी उगाने वाले तसर उत्पादक किसान या लघु उद्योग स्थापित करने की इच्छुक लोग भी समिति के माध्यम से ऋण के लिए आवेदन दे सकते है। विभागीय संकल्प के अनुसार सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ का गठन किया गया है। इसका दायित्व है कि कृषि एवं अनुसंगी गतिविधियों तथा वनोपज के व्यापार से ठिकेदारी प्रथा पूर्ण रूप से समाप्त करना है।
अनुसूचित जनजाति एवं ग्रामिणों को अब वनोपज का सिधा लाभा मिलेगा। धान, गेहूँ, सब्जी फल के अलावा जंगलो में पाये जाने वाले कुटकी, सरगुज, चिरौंजी, नट चिरोता, आवला, बिडी पत्ता, महुआ, करंज, हरे, बहेरा, रेशम, तशर आदि के उत्पादन को सरकारी आधार पर संगठित रूप से किया जायेगा। इससे समिति के सदस्यों को अधिक लाभ मिलेगा।
मौके पर उप विकास आयुक्त एवं वन प्रमंडल पदाधिकारी द्वारा उपस्थित सभी को कार्यशाला के दौरान बताई जाने वाली बातों को ध्यानपूर्वक सुनने एवं अपनी किसी भी प्रकार की दुविधा को कार्यशाला के दौरान ही दूर कर लेने की अपील की। साथ ही उनके द्वारा कार्यशाला में उपस्थित पैक्स अध्यक्षों एवं अन्य सदस्यों से उनके उनके क्षेत्र में उगाई जा रही कृषि संबंधित सामग्रियों की जानकारी ली एवं इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य केन्द्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न योजनाओं से एमपीसीएस के माध्यम से राज्य के कृषकों/वनोपज संग्रहकों को ज्यादा से ज्यादा जोड़ा जा सके तथा उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाया जा सके। सभी एमपीसीएस को जिला सहकारी यूनियन का साधारण सदस्य (शेयर धारक) बनाना जिलान्तर्गत कार्यरत एफपीओ को जिला सहकारी यूनियन/सिद्वकोफेड से नाममात्र सदस्य के रूप में जोड़ना।
सभी एमपीसीएस में सदस्यता अभियान चलाकर कार्यक्षेत्र अंतर्गत शत प्रतिशत परिवारों को जोड़ना। प्रधानमंत्री किसान समृद्धि योजना (पीएमकेएसवाई) के क्रियान्वयन हेतु इच्छुक एवं योग्य एमपीसीएस का चयन। कृषि एवं वनोपज उत्पादों के व्यवसाय हेतु एमपीसीएस को क्रैडिट लिन्केज की सुविधा प्रदान कराना।कार्यशाला के दौरान प्रखंड सहकारिता पदाधिकारियो, रामगढ़ जिला के 141 पैक्स के अध्यक्ष/सचिव, एफपीओ के सदस्यों सहित अन्य उपस्थित थे।


