कहा-10 माह का नहीं मिला है पेंशन, समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 15 नवंबर को रांची में करेंगे बड़ा आंदोलन
भुरकुंडा (रामगढ़)।झारखंड आंदोलनकारी पेंशनधारियों ने बुधवार को उपायुक्त रामगढ़ फैज हक अहमद मुमताज से मुलाकात कर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। आंदोलनकारियों ने कहा कि राज्य के निर्माण के लिए जीवन भर संघर्ष करने वाले योद्धा आज उपेक्षित हैं। वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास की सरकार ने चिन्हित आंदोलनकारियों को पेंशन देने का निर्णय लिया था, लेकिन अब कई माह से इसका भुगतान बंद कर दिया गया है।
आंदोलनकारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड अलग राज्य की लड़ाई में उन्होंने आर्थिक नाकेबंदी, संपूर्ण बंदी जैसे आंदोलनों में भाग लिया और बिहार सरकार की पुलिस से लाठी-डंडे खाए, जेल गए, प्रताड़ित हुए। कई आंदोलनकारी अपनी जान गंवा बैठे और जो जीवित हैं वे भी आज भटक रहे हैं। सौंपे गये ज्ञापन में कहा गया है कि चिन्हित आंदोलनकारियों की पेंशन राशि वर्ष 2024 के सात माह और 2025 के तीन माह से बंद है। इससे आंदोलनकारी परिवार भुखमरी की स्थिति में पहुंच गए हैं।
इसके अलावा, सरकार द्वारा घोषित पेंशन वृद्धि 500 का भुगतान भी अब तक नहीं हुआ है। ज्ञापन के माध्यम से आंदोलनकारियों ने मांग की कि राज्य सरकार के आदेशानुसार सभी चिन्हित आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जाए और झारखंड स्थापना दिवस (15 नवंबर) पर उन्हें प्रतीक चिन्ह प्रदान किया जाए। साथ ही जिला एवं प्रखंड स्तरीय शिलापट्टों पर उनके नाम अंकित किए जाएं। आंदोलनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ,
तो वे झारखंड स्थापना दिवस 15 नवंबर 2025 को रांची के मोहराबादी मैदान स्थित बापू वाटिका के समक्ष राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे। इसमें पूरे झारखंड से आंदोलनकारी शामिल होंगे। ज्ञापन में पतरातू प्रखंड के संजय कुमार मिश्रा, राजगिरी चौधरी, मुन्ना कुमार श्रीवास्तव, कुलदीप मेहता, राजेश कुमार सिंह, अकबर खान, मांडू प्रखंड के हरिशंकर प्रसाद, भुनीलाल नायक, बृजमोहन प्रसाद, अखिलेश्वर बेदिया आदि आंदोलनकारियों का हस्ताक्षर अंकित है।


