मां दुर्गा, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती के सजीव दर्शन कर श्रद्धालु हुए भावविभोर
ऐसे दिव्य कार्यक्रम की मेजबानी करना गर्व की बात: राकेश सिंह
भुरकुंडा (रामगढ़)। शास्त्री चौक स्थित हिताची एटीएम के पास संचालित ब्रह्माकुमारीज राजयोग मेडिटेशन सेवा केंद्र द्वारा थाना मैदान में मंगलवार को भव्य चौतन्य झांकी का शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. एके सिन्हा तथा विशिष्ट अतिथि श्रीश्री दुर्गा पूजा समिति भुरकुंडा के अध्यक्ष राकेश सिंह एवं बीके रामदेव ने संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

उद्घाटन के पश्चात अपने संबोधन में डॉ. एके सिन्हा ने कहा कि जीवंत स्वरूप में देवियों के दर्शन कर आत्मा अलौकिक शांति का अनुभव कर रही है। ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक सोच और भक्ति की नई चेतना जगाते हैं। मैं स्वयं ब्रह्माकुमारीज मुख्यालय में कई कार्यक्रमों में सम्मिलित हो चुका हूं, जिनकी स्मृतियां आज भी ताज़ा हैं। पूजा समिति के अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि अपने प्रांगण में ऐसे दिव्य कार्यक्रम की मेजबानी करना गर्व की बात है।
ब्रह्माकुमारीज जैसी संस्थाएं समाज के नैतिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। बीके रामदेव ने चैतन्य झांकी का अर्थ समझाते हुए कहा मां दुर्गा वह शक्ति है जो हमारे दुर्गुणों का विनाश करती है। मां लक्ष्मी परमात्मा के ज्ञानधन से आत्मा को समृद्ध करती है। मां सरस्वती राजयोगविद्या से हमें ज्ञानवान बनाती है। उन्होंने बताया कि सभी देवियों की वास्तविक शक्ति परमात्मा शिव से ही प्राप्त होती है, जो आज राजयोग द्वारा ब्रह्माकुमारी बहनों को सजीव दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, काली और गायत्री के रूप में गढ़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यह चैतन्य झांकी विजयादशमी तक प्रतिदिन शाम 4 से रात 8 बजे तक जनता के दर्शनार्थ खुली रहेगी। झांकी में मां दुर्गा का रूप धारण बीके रोशनी बहन, मां सरस्वती और आरती कुमारी मां लक्ष्मी का सजीव रूप है, जो कि श्रद्वालुओं के लिए आकर्षक का केंद्र बना हुआ है। बताया गया कि कार्यक्रम के समापन के बाद 3 से 10 अक्टूबर तक निःशुल्क राजयोग मेडिटेशन शिविर आयोजित किया जाएगा।


