भुरकुंडा (रामगढ़)। सदगुरु सदाफलदेव विहंगम योग संस्थान के तत्वावधान मे रामगढ़ जिले में विजयादशमी के अवसर पर गुरूवार को आध्यात्मिक समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इसमें विहंगम योग संस्थान के युवा प्रचारक एवं योग प्रशिक्षक संतोष अग्रवाल ने कहा कि आज हम वाह्य रूप से एक नहीं लाखों रावण के पुतलों को जलाने से कुछ नहीं होगा जब तक हमारे भीतर के रावण का दहन नहीं हो जाता।
उन्होंने कहा कि आज जरूरत है हमें हमारे भीतर जो रावण की प्रवृति व्याप्त है। हमारे भीतर जो अहंकार, अभिमान, ईर्ष्या, अन्याय, और अधर्म की प्रवृति है उसका भी शमन हो। संतोष अग्रवाल ने कहा कि बाहरी तौर पर रावण का पुतला जलाना बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक तो है ही लेकिन असली विजय तब होती है जब व्यक्ति अपने अंदर के रावण यानी अपनी बुराई को समाप्त कर,
अपनी नकारात्मक प्रवृतियों को जलाकर अच्छाई के प्रकाश को फैलाते हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि दशहरा का पर्व सिर्फ रावण दहन तक सीमित नहीं है बल्कि यह भीतर की बुराइयों पर विजय पाने और आत्मिक सुधार, अच्छाई, सद्गुणों और मानव धर्म के अनुकूल जीवन जीने के लिए और सत्य के प्रति हमारा जीवन दर्शन हो।

