रिपोर्ट आरिफ कुरैशी
रामगढ़। झारखंड सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा मदरसा आलिम-फाजिल डिग्री, जो स्नातक एवं स्नातकोत्तर के समकक्ष मानी जाती है, उसे असंवैधानिक करार दिए जाने के फैसले का विरोध तेज हो गया है। मुस्लिम यूनाइटेड फ्रंट के संस्थापक एवं केंद्रीय अध्यक्ष महफूज़ आलम ने कहा कि यह निर्णय मुस्लिम समाज के साथ छल है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और झामुमो की गठबंधन सरकार कहीं भाजपा के इशारे पर तो नहीं चल रही है।
महफूज़ आलम ने स्पष्ट किया कि मदरसा शिक्षा को नकारना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि यह मुस्लिम समाज की आस्था और शिक्षा व्यवस्था पर आघात है। उन्होंने सरकार से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो मुस्लिम समाज बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

