लाल सिंदूर से सजी हथेलियां, आंखों में नमी और होठों पर जयकारे के साथ मां दुर्गा को दी गई भावभीनी विदाई
रिपोर्ट आरिफ कुरैशी
रामगढ़। रामगढ़ शहर स्थित पंचवटी अपार्टमेंट फेस वन में इस वर्ष दुर्गा पूजा का पर्व बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। विजयादशमी के अवसर पर जब मां दुर्गा की विदाई का क्षण आया, तो पूरे पंचवटी परिवार की आंखें नम हो गईं। लाल सिंदूर से सजी हथेलियां, जयकारों की गूंज और भावनाओं से भरा वातावरण भक्तिभाव से सराबोर था। दशहरा के अवसर पर दुर्गा पूजा पंडाल में आयोजित सिंदूर खेला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मां दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष महिलाओं ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर अपनी आस्था और भक्ति का प्रदर्शन किया। ढाक की थाप, शंखध्वनि और धार्मिक संगीत से परिसर गूंज उठा, जो मां दुर्गा के प्रति समर्पण और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना। बंगाली परंपरा के अनुसार देवी दुर्गा को घर की बेटी माना जाता है। दशमी के दिन यह माना जाता है कि बेटी अपने मायके से ससुराल लौट रही है। इसी प्रतीकात्मक विदाई को महिलाएं खुशी और भावनाओं के साथ मनाती हैं।
महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर मां दुर्गा से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान कई महिलाओं की आंखें नम हो गईं। पूजा परिसर में महिलाओं ने पारंपरिक लाल-सफेद साड़ियों में नृत्य कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। सिंदूर से सजे चेहरे और देवी की आराधना के बीच वातावरण भावनाओं से भर गया। विदाई की इस रस्म के साथ नौ दिनों तक चली दुर्गा पूजा का समापन हुआ। पंचवटी अपार्टमेंट श्रीश्री दुर्गा पूजा समिति की ओर से दुर्गा पूजा के पहले दिन से ही प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेलों का आयोजन किया गया।
डांडिया, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, डांस परफॉर्मेंस, हाऊजी-तंबोला, इन-हाउस डांडिया सहित कई रोचक गेम्स का आयोजन किया गया, जिनका लोगों ने भरपूर आनंद उठाया। पूरे नौ दिनों तक चले इस भव्य आयोजन में समिति के सदस्यों और पंचवटी परिवार की महिलाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समापन दिवस पर पूरे अपार्टमेंट परिसर में भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक एकता की अद्भुत झलक देखने को मिली।


