जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु किसानों को केंचुआ खाद निर्माण व गोमूत्र आधारित कीटनाशक बनाने की सिखाई विधि
भुरकुंडा (रामगढ़)। दक्षिण झारखंड संभाग भाग रांची अंचल रामगढ़ संच पतरातू के विद्यालय ग्राम नेतुवा, हरिहरपुर एवं संच भुरकुंडा के विद्यालय ग्राम अम्बा टोला में एकल अभियान के तत्वावधान में गुरूवार को किसानों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का संचालन संभाग गतिविधि प्रमुख करण सिंह महतो द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित किसानों को केंचुआ खाद (वर्मीकंपोस्ट) के उत्पादन एवं गोमूत्र से जैविक कीटनाशक बनाने की विधि की विस्तृत जानकारी दी।
श्री महतो ने बताया कि केंचुआ खाद मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाने, फसल उत्पादन सुधारने तथा जल संरक्षण क्षमता में वृद्धि करने में सहायक है। इससे मिट्टी भुरभुरी होती है और फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है। यह पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है और रासायनिक खाद का उत्कृष्ट विकल्प है। उन्होंने आगे बताया कि गोमूत्र आधारित कीटनाशक से फसलों को कीटों व बीमारियों से प्राकृतिक रूप से सुरक्षा मिलती है। इससे मिट्टी की उर्वरकता और उपज की गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया तथा इसकी दीर्घकालिक लाभों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने जैविक खेती को अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर एकल अभियान रामगढ़ अंचल प्रमुख खिरेंदे कुमार, अंचल गतिविधि प्रमुख अजीत कुमार महतो, पतरातू संच प्रमुख नागेश्वर महतो, भुरकुंडा संच प्रमुख शांति देवी,
आचार्य सपना देवी, मालती देवी, कविता देवी सहित दर्जनों किसान एवं महिलाएं उपस्थित थीं। मौके पर पारस महतो, आशा देवी, शांति देवी, सुमित्रा देवी, प्रिया देवी, सीमा देवी, पार्वती देवी, सपना देवी, धनेश्वरी देवी, गुजरी देवी, जहरी देवी, अनीता देवी आदि मौजद थीं।


