रिपोर्ट एस कुमार
सिरका। लोक आस्था के महापर्व छठ के दूसरे दिन रविवार को चुम्बा में श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरे क्षेत्र में खड़ना पूजा पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रीति से संपन्न हुआ। सुबह से ही व्रतियों और परिवारजनों द्वारा घर-आँगन की विशेष साफ-सफाई की गई। शाम होते ही व्रतियों ने मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी से गुड़ की खीर, रोटी और केला का प्रसाद तैयार किया।
सूर्यास्त के बाद व्रतियों ने भगवान भास्कर और छठी मैया की पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण किया। इसके साथ ही व्रतियों ने अगले 36 घंटे के निर्जला उपवास की शुरुआत की। पूरे गांव में इस अवसर पर भक्ति और उल्लास का वातावरण व्याप्त रहा। महिलाएं पारंपरिक छठ गीतों से वातावरण को गुंजायमान कर रही थीं, वहीं बच्चे दीपक सजाकर पूजा स्थल को प्रकाशमान कर रहे थे।
स्थानीय श्रद्धालुओं ने बताया कि खड़ना पूजा के साथ ही छठ पर्व का आध्यात्मिक रंग और गहराता जाता है। अब सोमवार की संध्या में व्रती प्रथम अर्घ्य तथा मंगलवार की प्रातःकालीन बेला में द्वितीय अर्घ्य अर्पित करेंगे। चुम्बा में इस दौरान लोगों में अपार उत्साह देखा गया। हर ओर भक्ति, अनुशासन और स्वच्छता की मिसाल पेश कर श्रद्धालुओं ने छठ मइया से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।


