रिपोर्ट सज्जाद आरिफ
दुलमी। दुलमी प्रखंड क्षेत्र के इचातु स्थित प्राचीन शिवालय परिसर भूमि की मापी करने गए अंचल अधिकारी किशोरी यादव का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया और भूमि की मापी नहीं होने दी। जिसके कारण दुलमी अंचल अधिकारी को बैरंग वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि उक्त भूमि पर लगभग 200 वर्षों से विभिन्न प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम व मेला आदि का आयोजन होता आ रहा है। जिस पर गांव के प्रदीप सिंह और उनके परिवार के लोगों द्वारा कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीण उक्त भूमि पर किसी भी हाल में कब्जा नहीं होने दिया जाएगा और यह हम लोग बर्दाश्त भी नहीं करेंगे।बर्दाश्त नहीं करेंगे। बाप दादाओ की समय से यहां पर धार्मिक अनुष्ठान होता रहा है और रहेगा यहां किसी को किसी भी हाल में कब्जा करने नहीं दिया जाएगा। इधर दूसरी तरफ भूमि की मापी करने की मांग करने वाले प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि मैंने शिवालय परिसर की माफी के लिए एसडीओ रामगढ़ को आवेदन दिया था।
जिसके आलोक में खाता नंबर 229 प्लॉट नंबर 1974 रखवा 63 डिसमिल भूमि की मापी होनी थी। लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते भूमि की नवी नहीं हो सकी। प्रदीप सिंह के अनुसार यह भूमि मेरे दादा सुखनंदन सिंह के नाम से सर्वे खतियान में दर्ज है। जिसका मुझे भू अर्जन विभाग से सड़क निर्माण के दौरान मुआवजा भी दिया गया है। दूसरी तरफ अंचल अधिकारी किशोरी यादव ने बताया कि एसडीओ के निर्देश पर मैं भूमि की माफी कराने सर जमीन पर गया था लेकिन गांव के ग्रामीणों द्वारा विरोध किए जाने के कारण माफी नहीं हो सकी।


