प्रशासन से शीघ्र जांच कर न्याय दिलाने और कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की हुई मांग
भुरकुंडा (रामगढ़)। बलकुदरा गांव के रैयतों ने बासल थाना में लिखित आवेदन देकर अपनी पैतृक भूमि की सुरक्षा की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि खाता संख्या 282, प्लॉट संख्या 1522, कुल रकबा 1 एकड़ 28 डिसमिल जमीन पर वे तीन पीढ़ियों से शांतिपूर्वक दखल-कब्जा कर जोत-आबाद कर रहे हैं। उक्त भूमि पर चारदीवारी, आवासीय मकान और दुकानें भी निर्मित हैं।
ग्रामीणों के अनुसार आज तक इस जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति अथवा संस्था द्वारा न तो कब्जा किया गया और न ही कोई दावा प्रस्तुत किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके पास दादा-परदादा के नाम का हुकुमनामा, रसीदें तथा हाल में किए गए सर्वे का डिग्री पेपर मौजूद हैं। आरोप है कि वर्ष 2009 में जिंदल कंपनी द्वारा ग्रामीणों से अवैध व फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन खरीद दिखाने का प्रयास किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी ने जहां-जहां जमीन खरीदी है, वहां रैयत से खरीद कर वास्तविक कब्जा भी लिया है, लेकिन इस भूमि पर करीब 14 वर्षों से न तो कोई कब्जा लिया गया और न ही कोई दावा किया गया। मामले में नया मोड़ तब आया जब लगभग चार माह पूर्व बलकुदरा निवासी बृजमोहन मुंडा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपने आवास का निर्माण करा रहे थे।
इसी दौरान कंपनी के अधिकारियों द्वारा यह कहकर काम रोकने का दबाव बनाया गया कि यह जमीन कंपनी के नाम पर बिक चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण रुकवाने के लिए कंपनी ने थाना एवं अंचल अधिकारी को आवेदन देकर हस्तक्षेप का आग्रह किया, जिससे गांव में डर और भय का माहौल बन गया।
इसी आलोक में ग्रामीणों ने बासल थाना प्रभारी, अंचलाधिकारी, अनुमंडल अधिकारी तथा रामगढ़ उपायुक्त को आवेदन सौंपकर मांग की है कि वर्षों से कब्जे में रही पैतृक जमीन की रक्षा की जाए और अवैध ढंग से खरीद-बिक्री में संलिप्त दोषियों पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र जांच कर न्याय दिलाने और कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
आवेदन देने वालों में बलकुदरा मुखिया विजय मुंडा, पूर्व जिला पार्षद झरी मुंडा, पूर्व मुखिया रामदास बेदिया, राजमोहन मुंडा, पवन मुंडा, नागेश्वर मुंडा, जागेश्वर मुंडा, बिजेंदर मुंडा, आयुष राज, रवि मुंडा, बृजमोहन मुंडा, शक्ति देवी, सीमा कुमारी, सुमन कुमारी, पूनम देवी, अवंती देवी, सावित्री देवी, लीला देवी, शकुंतला देवी, फूलमानी देवी, सुमित्रा देवी, बेबी देवी, रामप्रसाद मुंडा, रामचरण मुंडा, शिवचरण मुंडा सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं।


