रिपोर्ट सज्जाद आरिफ
दुलमी। रामगढ़ जिले के दुलमी प्रखंड अंतर्गत दुठुवा गांव में रविवार को एक दिवसीय सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें संत रामपाल जी महाराज के विचारों को श्रद्धालुओं के समक्ष प्रोजेक्टर के माध्यम प्रस्तुत किया गया। ।सत्संग के दौरान बताया गया कि हिंदू धर्म में पूजित 33 करोड़ देवी-देवताओं के पास केवल क्षणिक शक्ति है। वे जीव को उसके कर्मों का फल तो दे सकते हैं, लेकिन जन्म-मरण और पाप-कर्म के बंधन से मुक्त नहीं कर सकते।

इस संदर्भ में देवी भागवत पुराण (तृतीय स्कंध, श्लोक 8.1) का उल्लेख करते हुए बताया गया कि स्वयं श्री विष्णु स्वीकार करते हैं कि ब्रह्मा, विष्णु और शंकर भी जन्म-मरण के अधीन हैं तथा केवल वही परमात्मा नित्य हैं। सत्संग में अथर्ववेद (कांड 4, अनुवाक 1, मंत्र 5) के माध्यम से माता दुर्गा की उत्पत्ति का उल्लेख किया गया और बताया गया कि वे भी पूर्ण परमात्मा नहीं हैं। वहीं शिव महापुराण, विद्येश्वर संहिता अध्याय 2, श्लोक 17 का प्रमाण देते हुए समझाया गया कि ब्रह्मा, विष्णु और शंकर तीनों काल ब्रह्म के अधीन देवता हैं।

संत रामपाल जी महाराज के सत्संगों में ऋग्वेद मंडल 9, सूक्त 96, मंत्र 17, यजुर्वेद अध्याय 5, मंत्र 32 तथा श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 15, श्लोक 17 के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया कि वेद और गीता में वर्णित उत्तम पुरुष वही पूर्ण परमात्मा हैं, जिन्हें कबीर साहेब कहा गया है। सत्संग के अंत में श्रद्धालुओं ने पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब की भक्ति करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को समाज में सच्ची आध्यात्मिक जागृति फैलाने वाला बताया गया।सत्संग में राज्य सेवादार प्रवीण सिंह, जिला सहयोगी सेवादार करण सिंह, बालगोविंद कुमार, सत्यप्रकाश ठाकुर, राजकिशोर कुमार, अभिषेक, बबलू, मधु महतो , जयलाल व सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं व ग्रामीणों ने भाग लेकर आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया।


