आदिवासी संघर्ष मोर्चा की बैठक में 1 से 9 जनवरी 2026 तक राज्यव्यापी अभियान का आह्वान
रिपोर्ट एस कुमार
रामगढ़। आदिवासी संघर्ष मोर्चा रामगढ़–हजारीबाग टीम की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मोर्चा के राष्ट्रीय सह संयोजक देवकीनंदन बेदिया, आरडी मांझी, भुनेश्वर बेदिया, नरेश बड़ाईक, सरयू बेदिया, लालकुमार बेदिया, रामबृक्ष बेदिया, बृजनारायण मुंडा तथा भाकपा-माले रामगढ़ जिला सचिव हीरा गोप उपस्थित रहे। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, जल-जंगल-जमीन की रक्षा तथा मौजूदा नीतियों के प्रभावों पर गंभीर चर्चा की गई। बैठक में कहा गया कि प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा के लिए कोई “प्लान-बी” नहीं है।
दिल्ली की प्रदूषित हवा से लेकर छत्तीसगढ़, हसदेव अरण्य और ग्रेट निकोबार के उजड़ते जंगलों तथा हिमालय क्षेत्र में बढ़ती आपदाओं तक, मौजूदा नीतियों के कारण आने वाली पीढ़ियों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र की नीतियों के साथ-साथ राज्य सरकार की उदासीनता भी स्थिति को और गंभीर बना रही है। आदिवासी संघर्ष मोर्चा और झारखंड जनाधिकार महासभा ने विस्थापन, कॉर्पोरेट लूट और राज्य दमन के विरुद्ध 1 से 9 जनवरी 2026 तक राज्यव्यापी अभियान चलाने का आह्वान किया है।
अभियान के दौरान 30 दिसंबर 2025 शहीद जीतराम बेदिया जयंती, 1 जनवरी 2026 खरसावां गोलीकांड दिवस, 8 जनवरी 2026 टिकैत उमराव सिंह व शेख भिखारी शहादत दिवस और 9 जनवरी 2026 डोम्बारी शहीद दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बैठक में यह भी कहा गया कि पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में ग्राम सभा की सहमति के बिना खनन, भूमि अधिग्रहण और सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे आदिवासी, दलित और अन्य वंचित समुदायों पर दमन बढ़ा है।
अवैध खनन, फर्जी मुकदमे और फर्जी मुठभेड़ों के मामलों पर भी चिंता जताई गई। मोर्चा और महासभा ने राज्य के सभी संघर्षशील संगठनों और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हों और अपने-अपने क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन, जनसभा व सम्मेलन आयोजित कर जन-जन तक वर्तमान स्थिति की सच्चाई पहुंचाएं तथा आदिवासी संघर्ष के इतिहास को स्मरण करें।


