रिपोर्ट आरिफ कुरैशी
रामगढ़। मंगलवार को रूबी खातून, आयु लगभग 38 वर्ष, पति मोहम्मद इसराफिल अंसारी, ग्राम जमुआ, पोस्ट करमा, थाना मांडू (कुज्जू), जिला रामगढ़ द्वारा साइबर अपराध थाना, रामगढ़ में एक लिखित आवेदन दिया गया। आवेदन में आरोप लगाया गया कि अबु तालिब, सरफराज उर्फ सोनु एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा एक संगठित गिरोह बनाकर वादी तथा उनकी तीन गोतनियों के नाम से इंडियन ओवरसीज बैंक, शाखा मरार, रामगढ़ में बैंक खाते खुलवाए गए तथा सभी के नाम से जियो कंपनी के नए सिम कार्ड प्राप्त किए गए।
इसके उपरांत अभियुक्तों द्वारा धोखे में रखकर विश्वासघात करते हुए उक्त बैंक खाते एवं सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लिया गया और उनका दुरुपयोग कर साइबर अपराध की घटनाओं को अंजाम दिया गया। इस संबंध में साइबर अपराध थाना, रामगढ़ में कांड संख्या 03/26, दिनांक 20 जनवरी 2026 को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(सी) एवं 66(डी) तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(2)(ख), 111(4), 318(4), 316(2) एवं 351(2) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई।
कांड की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक, रामगढ़ श्री अजय कुमार (भारतीय पुलिस सेवा) के निर्देशानुसार पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) सह थाना प्रभारी, साइबर अपराध थाना, रामगढ़ श्री चन्दन कुमार वत्स के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान दल का गठन किया गया। विशेष अनुसंधान दल द्वारा तकनीकी अनुसंधान के आधार पर नामजद अभियुक्तों को पूछताछ हेतु साइबर अपराध थाना, रामगढ़ लाया गया, जहां पूछताछ के क्रम में पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने के पश्चात अभियुक्त अबु तालिब एवं सरफराज उर्फ सोनु को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
कांड के अग्रतर अनुसंधान के क्रम में संबंधित बैंक से पासबुक की जांच कराए जाने पर यह तथ्य प्रकाश में आया कि पीड़िताओं के बैंक खातों का उपयोग असम एवं कर्नाटक राज्य सहित विभिन्न स्थानों पर तथा ऑनलाइन सट्टा एवं बेटिंग एप्लीकेशन के माध्यम से साइबर अपराध की घटनाओं में किया गया, जिसके माध्यम से कुल 46,23,901 रुपये (छियालीस लाख तेईस हजार नौ सौ एक रुपये) का अवैध लेन-देन किया गया।
अनुसंधान के दौरान अभियुक्तों के कब्जे से दो बैंक पासबुक एवं दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस कांड के अनुसंधान एवं छापामारी कार्य में पुलिस उपाधीक्षक चन्दन कुमार वत्स, पुलिस अवर निरीक्षक दिगम्बर पाण्डेय, पुलिस अवर निरीक्षक रंजीत कुमार यादव, पुलिस अवर निरीक्षक विकास आर्यन, आरक्षी संख्या 639 जितेन्द्र कुमार पासवान, आरक्षी संख्या 439 मोहम्मद तौफिक तथा तकनीकी शाखा रामगढ़ के पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल थे।


