रिपोर्ट कृष्णा करमाली
चितरपुर। रामगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज के इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग (ईसीई) विभाग ने अकादमिक शिक्षा और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच की खाई को पाटने के उद्देश्य से एक ज्ञानवर्धक संगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम में छात्रों, संकाय सदस्यों और तकनीकी कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संगोष्ठी का मुख्य आकर्षण जितेंद्र कुमार का मुख्य भाषण था,

जिन्होंने कुछ समय के लिए इसरो में काम किया और वर्तमान में टेक्नोलॉजीपार्क ओस्टब्रैंडेनबर्ग, इम टेक्नोलॉजीपार्क 25, 15236 फ्रैंकफर्ट (ओडर), जर्मनी में लीड एनालॉग और मिक्स्ड सिग्नल आईसी डिज़ाइनर और शोधकर्ता के रूप में कार्यरत हैं। वे संस्थान के 2015-2019 बैच के एक प्रतिष्ठित पूर्व छात्र हैं।
श्री कुमार ने अपने पेशेवर सफर को साझा करते हुए वेरी लार्ज स्केल इंटीग्रेशन (वीएलएसआई) डिज़ाइन और सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकियों के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की। अपने संबोधन के दौरान, श्री कुमार ने इलेक्ट्रॉनिक्स में मजबूत बुनियादी ज्ञान, निरंतर कौशल विकास और FPGA डिज़ाइन, ASIC फ्लो और सत्यापन तकनीकों जैसे उपकरणों में व्यावहारिक अनुभव के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने सेमीकंडक्टर उद्योग, विशेष रूप से यूरोप में, वैश्विक अवसरों पर भी चर्चा की और छात्रों को अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए तैयार होने के तरीके बताए। छात्रों ने संवादात्मक सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया और उच्च शिक्षा, वैश्विक रोजगार के अवसरों और कोर इलेक्ट्रॉनिक्स भूमिकाओं के लिए तैयारी की रणनीतियों पर प्रश्न पूछे। यह सत्र अत्यंत रुचिकर और ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।
इस अवसर पर बोलते हुए, प्रधानाचार्य डॉ. शरबानी रॉय ने कहा, “इस तरह के सेमिनार हमारे छात्रों को सफल पूर्व छात्रों और उद्योग जगत के पेशेवरों से जोड़कर उनके करियर की आकांक्षाओं को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हमें अपने स्नातकों को वैश्विक मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते और अगली पीढ़ी को प्रेरित करते हुए देखकर गर्व होता है।” उप प्रधानाचार्य डॉ. नजमुल इस्लाम ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “इंजीनियरिंग कर रहे छात्रों के लिए वास्तविक उद्योग के अनुभवों से अवगत होना आवश्यक है।
इस तरह की बातचीत उन्हें अपने तकनीकी कौशल को बढ़ाने और VLSI और सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में उभरते अवसरों के लिए तैयार होने के लिए प्रेरित करती है।” ईसीई विभाग के प्रमुख श्री नीलेश कुमार ने मुख्य वक्ता के बहुमूल्य योगदान के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया और आयोजन टीम के प्रयासों की सराहना की।
इस संगोष्ठी में संकाय सदस्य पल्लव दास, अयानी नंदी, अभिषेक कुमार, कमल अहमद, सनत कुमार और गौरव दत्ता मौजूद थे। संगोष्ठी का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जो सभी उपस्थित लोगों के लिए एक अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरक अनुभव रहा। ईसीई विभाग की ऐसी पहल कॉलेज के शैक्षणिक परिवेश को सुदृढ़ करती रहती हैं और छात्रों को अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती हैं।


