रिपोर्ट एस कुमार
गिद्दी/सिरका। रेलीगढ़ा स्थित शिव मंदिर परिसर में आयोजित नव दिवसीय महायज्ञ के तहत भागवत कथा के चौथे दिन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा। रेलीगढ़ा शिव मंदिर परिसर में चल रहे नव दिवसीय महायज्ञ के अंतर्गत भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया।

इस अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी, फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। जन्मोत्सव के दौरान यज्ञाचार्य जीवन शास्त्री ने स्वयं वासुदेव की भूमिका निभाई, जिसे श्रद्धालुओं ने खूब सराहा। नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से पूरा पंडाल गूंज उठा। बाल गोपाल के रूप में सजे श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
भागवत कथा वाचन करते हुए रामानुज शरण महाराज ने श्रीकृष्ण जन्म की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए हुआ था। साथ ही कंस के अत्याचार, देवकी-वसुदेव की पीड़ा और श्रीकृष्ण के चमत्कारी जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने भजनों का आनंद लिया।
महिलाओं, युवाओं और बच्चों की बड़ी भागीदारी ने आयोजन को और भव्य बना दिया। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन समिति के अध्यक्ष अवधेश कुमार उपाध्याय, सचिव प्रेमचंद शर्मा सहित अन्य सदस्यों ने बताया कि नव दिवसीय महायज्ञ के तहत प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें क्षेत्र के लोग बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।


