रिपोर्ट आरिफ कुरैशी
रामगढ़। आज टाउन हॉल, रामगढ़ में स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरकेएसके) के अंतर्गत जिला स्तरीय ‘स्वास्थ्य आरोग्य दूत संवाद’ कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरों के स्वास्थ्य, जागरूकता और उनके सर्वांगीण विकास पर चर्चा करना था।
मुख्य बिंदु: उद्घाटन: कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन उपविकास आयुक्त श्री आशीष अग्रवाल, सिविल सर्जन डॉ. नवल कुमार जिला शिक्षा अधीक्षक श्री संजीत कुमार एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।अनुभव साझाकरण: उपविकास आयुक्त ने उपस्थित शिक्षकों और बच्चों से सीधा संवाद किया। उन्होंने उनके अनुभवों को सुना और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
स्वास्थ्य का महत्व: सिविल सर्जन, रामगढ़ ने किशोरों को संबोधित करते हुए कहा कि किशोरावस्था जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है। सही मार्गदर्शन और सकारात्मक जीवनशैली ही एक सशक्त भविष्य की नींव रखती है।आरोग्य दूतों की भूमिका: कार्यक्रम में आरोग्य दूतों ने बताया कि विद्यालयों में 16 मॉड्यूल के माध्यम से किशोरों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी नियमित रूप से दी जा रही है।
इसमें धूम्रपान जैसी कुरीतियों के विरुद्ध काउंसलिंग और लैंगिक समानता जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सम्मान समारोह: बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों और बच्चों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। ‘स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस’ कार्यक्रम को बच्चों को शिक्षा और स्वास्थ्य से जोड़ने की एक उपयोगी पहल बताया गया।
इस अवसर पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. स्वराज, जिला आर.सी.एच. पदाधिकारी डॉ. ठाकुर मृत्युंजय कुमार सिंह, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. तुलिका रानी, कार्यक्रम प्रबंधक श्री प्रदीप कुमार सिन्हा, क्षेत्रीय समन्वयक श्री सुनील कुमार मधुकर, जिला कार्यक्रम समन्वयक आरिफ हैदर, जिला डाटा प्रबंधक श्रीमती रश्मि आनन्द, सुश्री अंजली कुमारी सहित विभाग के कई अन्य कर्मी और बड़ी संख्या में शिक्षक एवं छात्र उपस्थित थे।


