प्रेम बाबू कायस्थ महासभा के स्तंभ थे, उनका जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है, हम सभी मर्माहत हैं : अरुण कुमार सिन्हा
रिपोर्ट कृष्णा करमाली।
चितरपुर (रामगढ़)। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, झारखंड प्रदेश के उपाध्यक्ष एवं पलामू जिला के संरक्षक चित्रांश आनंद प्रकाश उर्फ प्रेम श्रीवास्तव का मंगलवार को इलाज हेतु मुंबई ले जाने के क्रम में रास्ते में आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे कायस्थ समाज एवं सामाजिक-राजनीतिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा रामगढ़ जिला अध्यक्ष अरुण कुमार सिन्हा ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा, “प्रेम बाबू कायस्थ महासभा के स्तंभ थे। उनका जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
हम सभी मर्माहत हैं। संगठन को मजबूत करने और समाज को एकजुट रखने में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।” उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने एवं शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। इस दुःखद घड़ी में अमित कुमार सिन्हा, प्रो. शम्भु प्रसाद, अशोक कुमार सिन्हा, रणंजय कुमार उर्फ कूंटू बाबू, धनंजय वर्मा, विनोद कुमार श्रीवास्तव, राजीव पामदत्त, राजेश कुमार, बामेश्वर प्रसाद, प्रो. प्रदीप कुमार, कुंवर बक्शी, सुजीत कुमार सिन्हा पप्पू, अधिवक्ता आनंद कुमार, मुन्ना श्रीवास्तव, मनोज कुमार सिन्हा, संजय लाला, सुजीत नारायण सिन्हा,
उपेंद्र कुमार सिन्हा, अनिल कुमार सिन्हा, डॉ. रोहित वर्मा, डॉ. संजीव कृष्ण जमुआर, बीरेंद्र कुमार सिन्हा, ज्योति सिन्हा, योगेंद्र कुमार सिन्हा, उमेश प्रसाद सिन्हा, दीपक कुमार सिन्हा, सूर्यवंश श्रीवास्तव, आशुतोष कुमार सिन्हा, नीतेश रंजन, संजीव कुमार श्रीवास्तव, संजय कुमार श्रीवास्तव, अनिल कुमार सिन्हा, सूर्यदेव प्रसाद कर्ण, आशीष कुमार सिन्हा, रविन्द्र कुमार सिन्हा, प्रशांत कुमार सिन्हा, संजय कुमार सिन्हा सहित महासभा के सभी चित्रांश बंधुओं ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि कायस्थ महासभा ने एक महत्वपूर्ण सदस्य को खो दिया है।


