बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में 2071वीं रैंक हासिल कर बनीं ब्लॉक एससी/एसटी वेलफेयर ऑफिसर, क्षेत्र में खुशी की लहर
भुरकुंडा (रामगढ़)। सयाल क्षेत्र की प्रतिभाशाली बेटी राखी रानी ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर पूरे कोयलांचल का नाम रोशन किया है। आदर्श हॉस्पिटल सयाल में नर्स के पद पर कार्यरत रेनू सिस्टर एवं राजकुमार मेहता की द्वितीय पुत्री राखी रानी ने अपने दूसरे प्रयास में 2071वीं रैंक प्राप्त कर ब्लॉक एससी/एसटी वेलफेयर ऑफिसर के पद पर चयनित होकर सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित की है।
राखी रानी की इस उपलब्धि से सयाल सहित पूरे कोयलांचल क्षेत्र में हर्ष और गौरव का माहौल है। उनकी सफलता को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया जा रहा है। जैसे ही चयन की खबर क्षेत्र में फैली, बधाई देने वालों का तांता लग गया। इस अवसर पर कई गणमान्य लोगों ने उनके आवास पहुंचकर फूल-माला पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर, बुके भेंट कर एवं मिठाई खिलाकर सम्मानित किया।

उपस्थित लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि कठिन परिश्रम, लगन और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। सम्मान समारोह में डॉ. एम.के. मंजुल, विनोद सिंह, सुरेश मेहता, संजय मेहता, जगदीश मेहता, उदय मेहता, रीमा वर्मा, पारस भगत, दीपक मेहता, शत्रुघ्न सिंह, विक्रम कुमार एवं जे.पी.एन. मेहता सहित कई लोग उपस्थित थे।
शैक्षणिक सफर भी रहा उत्कृष्ट
राखी रानी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल उरीमारी से प्राप्त की, जहां से उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने डीएवी पब्लिक स्कूल, गांधीनगर से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दौलत राम कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (ग्रेजुएशन) की डिग्री हासिल की। अपनी मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के बल पर उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
दूसरे प्रयास में मिली सफलता, बेटियों के लिए बनीं मिसाल
राखी रानी की सफलता यह संदेश देती है कि निरंतर परिश्रम, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल है। उनका शैक्षणिक सफर और संघर्ष युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।