भुरकुंडा (रामगढ़)। पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी दूसरी इकाई (यूनिट-2) की 800 मेगावाट क्षमता का वाणिज्यिक परिचालन 25 जून 2026 से सफलतापूर्वक घोषित कर दिया है। एनटीपीसी लिमिटेड एवं झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के संयुक्त उपक्रम पीवीयूएनएल की यह उपलब्धि झारखंड सहित देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पतरातू सुपर ताप विद्युत परियोजना की आधारशिला भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखी गई थी। यूनिट-2 के सफल सीओडी के साथ पीवीयूएनएल ने झारखंड एवं अन्य लाभार्थी राज्यों को विश्वसनीय, किफायती एवं सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है।
विशेष बात यह है कि यूनिट-1 और यूनिट-2 के सफल कमीशनिंग एवं सीओडी के माध्यम से पीवीयूएनएल ने मात्र सात महीनों के भीतर 1600 मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता राष्ट्र को समर्पित कर दी है। यह उपलब्धि कंपनी की उत्कृष्ट परियोजना निष्पादन क्षमता, तकनीकी दक्षता तथा कर्मचारियों एवं सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित समारोह में पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ए.के. सहगल, कार्यकारी निदेशक (परियोजना) अनुपम मुखर्जी, महाप्रबंधक (ओ एंड एम) मनीष खेतरपाल, महाप्रबंधक (ऑपरेशन एवं कमीशनिंग) जे.सी. पात्रा, महाप्रबंधक (परियोजना) बिष्णु दत्ता दास तथा महाप्रबंधक (मेंटेनेंस एवं ऐश डाइक प्रबंधन) ओ.पी. सोलंकी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर सीईओ ए.के. सहगल ने सभी कर्मचारियों, अभियंताओं, श्रमिकों, विक्रेताओं, सहयोगी संस्थाओं एवं परियोजना से जुड़े सभी भागीदारों को बधाई देते हुए कहा कि टीम भावना, समर्पण और अथक परिश्रम के कारण ही यह उपलब्धि संभव हो सकी है। उन्होंने एनटीपीसी प्रबंधन, झारखंड सरकार, जिला प्रशासन, नियामक संस्थाओं तथा सभी हितधारकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
श्री सहगल ने स्थानीय समुदाय एवं परियोजना प्रभावित परिवारों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनका विश्वास और समर्थन परियोजना की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने बताया कि पीवीयूएनएल क्षेत्र में युवाओं एवं महिलाओं के कौशल विकास, आजीविका संवर्धन तथा सामुदायिक विकास के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रहा है, ताकि समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सके।
यूनिट-2 का सफल वाणिज्यिक परिचालन पीवीयूएनएल की परिचालन उत्कृष्टता, पर्यावरणीय सततता एवं उत्तरदायी विद्युत उत्पादन के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है। आधुनिक तकनीकों एवं पर्यावरण-अनुकूल उपायों के माध्यम से कंपनी क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में निरंतर योगदान दे रही है।
यूनिट-2 के सीओडी के साथ झारखंड एवं देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी तथा विद्युत उपलब्धता और अधिक सुदृढ़ होगी। पीवीयूएनएल ने इस उपलब्धि में सहयोग देने वाले सभी हितधारकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी नई ऊंचाइयों को छूने का संकल्प दोहराया।