वीणा संगीत की, पुस्तक विचारों की और मयूर वाहन कला की अभिव्यक्ति है : प्रशांत सिंह
भुरकुंडा (रामगढ़)। श्रीश्री सरस्वती पूजा समिति गायत्री नगर के तत्वावधान में सोमवार को पूरे धूमधाम व भक्तिभाव के साथ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान पुरोहित द्वारा पूरे विधि-विधान से वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कराई गई।
पूजा-अर्चना के दौरान मां सरस्वती सहित अन्य आराध्य देवी-देवताओं के गगनभेदी उदघोष से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा। पूजा के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। मौके पर पूजा समिति के सचिव प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि हिन्दू समाज में माता सरस्वती साहित्य, संगीत, कला तथा विद्या की देवी के रुप में प्रतिष्ठित हैं।
मां सरस्वती को वीणापुस्तक धारिणी कहा गया है। उनमें भाव, विचार एवं संवेदना का त्रिविध संगम है। जहां वीणा संगीत की वहीं पुस्तक विचारों की और मयूर वाहन कला की अभिव्यक्ति है। श्री सिंह ने बताया कि बुधवार को हवन-पूर्णाहुति के बाद भव्य भंडारा का आयोजन किया जाएगा। साथ ही संध्या को मां की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।
पूजा को सफल बनाने में अध्यक्ष रिमझिम, कोषाध्यक्ष सृष्टि सहित दर्पण, ओम, शिवम, निधि का योगदान रहा। मौके पर जुलेश्वर सिंह, विनोद कुमार सिंह, मनोज कुमार साहू, अंकित सिंह, सुखदेव प्रजापति उर्फ देवा, मनोज श्रीवास्तव, मीता देवी, प्रतिमा सिंह, दीपा, तनिष्का, कृति, सोनाक्षी, साक्षी, सुनीता देवी सहित दर्जनों लोग जुटे हैं।


