रिपोर्ट एस कुमार
सिरका। अरगड्डा जीएम कार्यालय के समीप शनिवार को शोक सभा आयोजित कर दो मिनट का मौन रखकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद, दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शोक सभा में क्षेत्र के आंदोलनकारी नेता वंशी खान ने भावुक होकर कहा कि गुरुजी हमेशा आदिवासी, मूलवासी, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे।
अलग राज्य की लड़ाई में उनका योगदान ऐतिहासिक है। आज वे हमारे बीच नहीं हैं, यह अपूरणीय क्षति है। वहीं, नेता राजेश बेदिया ने कहा कि गुरुजी सिर्फ झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के आदिवासी नेता के रूप में ‘दिशोम गुरु’ कहलाते थे। उनका विचार था लिखो, पढ़ो और अपने अधिकार के लिए संघर्ष करो।
आज भी उनके कई सपने अधूरे हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए युवाओं को संकल्प लेना होगा। शोक सभा में राजेश बेदिया, वंशी खान, अर्जुन बेदिया, रूस्तम खान, इरफान खान, तिरेबेणी प्रजापति, ललकू बेदिया, संजय बेदिया, देवकान्त सिंह, मोहन मुण्डा, अर्जुन राम, धरमा देवनाथ, बाला प्रजापति, गुलचन्द, कामेश्वर, बाबुचन्द, आदिल खान, दिलकश रजा, जुनैत खान, परवेज खान, ऋषि बेदिया, जितेन्द्र बेदिया, जगरनाथ प्रसाद, राजेन्द्र सिंह, अबोध बेदिया, सिकेन्दर मुण्डा, राजू बेदिया, जयपाल बेदिया, जयनाथ बेदिया समेत दर्जनों लोग मौजूद थे।


