पति की दीर्घायु, वैवाहिक सुख-समृद्धि पारिवारिक- खुशहाली के लिए की गई पूजा अर्चना
रिपोर्ट एस कुमार
गिद्दी/सिरका। गिद्दी कोयलाँचल क्षेत्र में 26 अगस्त को हरितालिका तीज व्रत धूमधाम से मनाया गया, सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लम्बी उम्र की कामना किया, घर में सुख समृद्धि की कामना कर पारिवारिक खुशहाली के लिए व्रत की प्रत्येक वर्ष में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है, सुहागिन महिलाओं ने विधि विधान से तीज का व्रत रखकर पूजा अर्चना की, 26 अगस्त को हरितालिका तीज पूजा को लेकर महिलाएं ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर व्रत का संकल्प लेकर आराधना की, इसके बाद पूजा स्थल को रंगोली से सजावट किया,
फूलों से सजाकर भगवान शिव- माता पार्वती और भगवान गणेश की मूर्तियां या चित्र स्थापित किए जाते है कथा का पुरोहित द्वारा श्रवन किया गया पूजा मौके पर देवी पार्वती को चूड़ियां बिंदी सिंधु काजल मेहंदी सहित सुहाग की सामग्री पूजन के दौरान भगवान को फल फूल बेलपत्र और मिठाई का भोग लगाया जाता है पूजा के उपरांत हरितालिका तीज के व्रत कथा सुनी जाती है कहीं कहीं महिला इस दिन रात भर जागरण करती है और अगले दिन माता पार्वती की आरती कर सिंदूर अर्पित करती है
इसके पश्चात हलवे का भोग लगाकर व्रत खोला जाता है विशेष रूप से शुभ माना गया है काले रंग के वस्त्र चूड़ियों के प्रयोग से बचना चाहिए लाल पीले और हरे रंग के वस्त्र और चूड़ियां पहनना शुभ होता है व्रत के दौरान महिलाएं भजन कीर्तन करती है और आध्यात्मिक वातावरण बनाए रखती है महिलाएं प्रार्थना ध्यान और मंत्र जाप द्वारा आध्यात्मिक जुड़ाव बनाए रखा जाता है जो महिलाएं पहली बार हरितालिका तीज का व्रत रख रही है,
24 घंटो तक महिलाओ ने निर्जला उपवास रखकर किया तीज त्यौहार, इस त्यौहार में कठिन तप और कठोर नियमों के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार किया जाता है, पति की लंबी उम्र के लिए नहीं बल्कि आत्मिक शुद्ध और भक्ति की भावना को जागृत करने का भी माध्यम है गिददी कोयलांचल क्षेत्र ग्रामीण इलाकों में महिलाओं ने सुख समृद्धि और शांति हेतू अपने पति की दीर्घायु होने की कामना के लिए हरितालिका तीज व्रत किया।


