रिपोर्ट सज्जाद आरिफ
रामगढ़। दुर्गा पूजा के उपलक्ष पर शुक्रवार की शाम को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन दुलमी बसती में किया गया। वही मां दुर्गे की प्रतिमा का विसर्जन गाजे बाजे के साथ स्थानीय तालाब में किया गया। इससे पूर्व रामगढ़ से आई एरोबिक डांस संस्था के कलाकारों द्वारा एक से बढ़कर एक नृत्य प्रस्तुत किया गया। जिसे देखने के लिए आसपास के गांव के सैकड़ो लोग पहुंचे हुए थे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां की प्रतिमा का दर्शन किया और क्षेत्र की सुख, समृद्धि, उन्नति और खुशहाली के लिए कामना की।
इससे पूर्व पारंपरिक रूप से सिंदूर होली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। बताया गया कि भारी वर्षा के कारण गुरुवार को मूर्ति विसर्जन नहीं किया जा सका। इस संबंध में सुधाकर कुशवाहा ने बताया कि यहां पर 1936 ई से दुर्गा पूजा का आयोजन धूमधाम के साथ हो रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ रावण दहन का कार्यक्रम भी 1984 ई से हो रहा है।

दुलमी के इतिहास में यह गांव पहला ऐसा गांव है जहां रावण दहन वर्षों से किया जा रहा था। लेकिन इधर कुछ वर्षों से दुलमी बाजार टांड़ में सार्वजनिक रावण धन कार्यक्रम का आयोजन होने लगा तब से यहां पर रावण दहन कार्यक्रम बंद कर दिया गया। कार्यक्रम का संचालन परमानंद कुशवाहा ने किया। मौके पर संगठन मंत्री विवेक कुमार कुशवाहा अध्यक्ष श्रीकांत कुमार उपाध्यक्ष गौतम कुमार कुशवाहा सचिव
राजीव कुमार कुशवाहा सह सचिव अमीन कुमार शर्मा कोषाध्यक्ष अवधेश कुमार दांगी, निशांत कुमार कुशवाहा, आशेश्वर महतो, अनिल कुमार कश्यप, कंवर राम डांगी, प्रीत लाल वर्मा, दशरथ राम डांगी, भोपाल राम डांगी, मिथलेश कुशवाहा, सुनील कुमार डांगी, मिथलेश कुशवाहा, आदित्य राम डांगी, विकास कुशवाहा, बसंत कुमार, कुंदन कुमार सहित सैकड़ो लोग उपस्थित थे।


