भुरकुंडा (रामगढ़)। जवाहर नगर भुरकुंडा निवासी मां दुर्गा के उपासक पंडित राम कुमार पाठक ने कहा कि छठ व्रत करने से व्यक्ति को सुख, शांति, समृद्धि, आरोग्य और खोया हुआ साम्राज्य तक प्राप्त होता है। यह व्रत सूर्य उपासना का महान पर्व है, जो मानव जीवन में ऊर्जा, सकारात्मकता और समृद्धि का संचार करता है। पंडित श्री पाठक ने धार्मिक कथा का उल्लेख करते हुए
बताया कि महाभारत काल में जब पांडव जुए में सबकुछ हारकर वनवास में थे, तब द्रौपदी ने धौम्य ऋषि से दुखों से मुक्ति का उपाय पूछा। ऋषि ने उन्हें बताया कि सूर्य भगवान का छठ व्रत करने से उनकी खोई हुई सत्ता और सम्मान वापस मिल सकता है। द्रौपदी ने इस व्रत को किया और उसके प्रभाव से पांडवों को पुनः अपना साम्राज्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि यह व्रत सबसे पहले नागकन्या ने किया था,
उसके बाद च्यवन ऋषि की पत्नी सुकन्या ने अपने पति के स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए इसे किया, जिससे च्यवन ऋषि पुनः स्वस्थ हुए। तभी से यह व्रत लोककल्याण और मनोकामना पूर्ति का प्रतीक बन गया। पंडित राम कुमार पाठक ने बताया कि यह व्रत चार दिनों तक चलता है। इस वर्ष 25 अक्टूबर को नहाए-खाए के साथ चार दिवसीय छठ महापर्व का शुभारंभ होगा।
वहीं 26 अक्टूबर खरना शाम 5ः36 बजे के बाद सूर्य पूजा, 27 अक्टूबर को पहला अर्घ्य सूर्यास्त 4ः50 से 5ः15 बजे तक, 28 अक्टूबर को दूसरा अर्घ्य सूर्याेदय 5ः50 से 6ः05 बजे तक दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और पवित्रता के साथ किए गए इस व्रत से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति निश्चित होती है।


