27 अर्पित किया जाएगा भगवान सूर्य को प्रथम अर्घ्य, द्वितीय अर्घ्य 28 को, घाटो की सफाई जारों पर

भुरकुंडा (रामगढ़)। भुरकुंडा कोयलांचल का वातावरण छठमय भक्तिमय हो गया है। भुरकुंडा कोयलांचल, भदानीनगर, बासल सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में चार दिवसीय कार्तिक छठ पर्व नियम पूर्वक भक्ति भाव एवं धूमधाम से मनाया जा रहा है। श्रद्धा भक्ति आस्था का महापर्व कार्तिक छठ के दूसरे दिन रविवार को छठव्रतियों ने खरना पूजा किया।

इसमें दिनभर निर्जला उपवास रख शाम में गाय के दूध में शुद्ध रूप से खीर का प्रसाद बनाएं और पूजा-अर्चना के बाद खीर के प्रसाद को सेवन किए। खरना के पश्चात भक्तों के बीच खरना प्रसाद का वितरण देर शाम तक होता रहा। साथ ही कार्तिक छठ पर्व के तीसरे दिन सोमवार को दिन-रात छठव्रती निर्जला उपवास रखेंगे।

वहीं अपराहन में सूप दउरा में फल-फूल पूजा सामग्रियों को सजाकर छठ घाटों पर पहुंच छठव्रतियों भक्तों द्वारा अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को प्रथम अर्घ्य अर्पित किया जाएगा। इसी प्रकार छठ महापर्व के चौथे दिन मंगलवार को तड़के सुबह पुनः छठ घाटों पर पहुंचेंगे और उदयीमान भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे।

इधर नलकारी नदी सहित भुरकुंडा कोयलांचल आदि क्षेत्रों के तमाम छठ घाटों का भुरकुंडा ओपी प्रभारी निर्भय कुमार गुप्ता, भदानीनगर क्षेत्र के विभिन्न छठ घाटों का ओपी प्रभारी अख्तर अली, बासल थाना क्षेत्र के विभिन्न छठ घाटों का थाना प्रभारी कैलाश कुमार और पतरातु प्रखंड के विभिन्न छठ घाटों का पतरातु बीडीओ मनोज कुमार गुप्ता ने निरीक्षण किया।

साथ ही पूजा समिति को कई दिशा-निर्देश देते हुए छठव्रतियों एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का पूरा ख्याल रखने की बात कही। इधर सयाल-उरीमारी में भी पूर्व मुखिया सत्येंद्र यादव के देख-रेख में छठ घाट व आवागमन के रास्ते को दुरूस्त कराया जा रहा है। ताकि श्रद्धालुओं को आनेजाने में दिक्कत न हो।
छठमाता मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया, विद्युत सज्जा लोगों के लिए बना है आकर्षण का केंद्र
भुरकुंडा कोयलांचल भक्ति की पहचान भुरकुंडा नलकारी नदी छठ घाट स्थित छठमाता भगवान सूर्य गंगा मां के मंदिर को भव्य एवं आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिर को विद्युत बल्बो आदि से बेहतरीन सजावट की गई है। भुरकुंडा रिभर साइड श्री सूर्य मंदिर की भी भव्य सजावट की गई है।
इधर छठ महापर्व पर भुरकुंडा कोयलांचल सहित आसपास क्षेत्रों में छठ घाटों की साफ सफाई जोरो से जारी है। छठघाट सहित सड़कों पर लाईटिंग की व्यवस्था की जा रही है। विभिन्न पूजा समितियों द्वारा फल-फूल, गाय के दूध पूजा सामग्रियों का भी वितरण किया जाएगा। वहीं जगह-जगह तोरणद्वार भी बनाए जा रहे हैं।


