रिपोर्ट एस कुमार
रामगढ़। भारत रत्न, भारतीय संविधान के शिल्पकार और सामाजिक न्याय के अग्रदूत बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 70वीं पुण्यतिथि पर आज श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से देश के वंचित, शोषित और पीड़ित समाज को नई पहचान और सम्मानजनक जीवन दिया। अब जरूरत है कि उनके द्वारा दिए गए अधिकारों को संघर्ष कर सुरक्षित रखा जाए।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि डॉ. अंबेडकर ने सदियों से मनुवाद, जातिप्रथा और ऊँच-नीच की सामाजिक बुराइयों से जूझ रहे लोगों को मुख्यधारा में शामिल करने का ऐतिहासिक कार्य किया। उनके जीवन का हर क्षण दलितों, पिछड़ों, मजदूरों और महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई में समर्पित रहा। इस दौरान बाबा साहेब के अनमोल विचारों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।
श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता राष्ट्रीय पिछड़ावर्ग संघ झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष उमेश गोप ने की। उन्होंने कहा कि अंबेडकर न सिर्फ एक महान समाज सुधारक थे, बल्कि प्रखर चिंतक, न्यायविद और अर्थशास्त्री भी थे, जिनकी विचारधारा आज भी मार्गदर्शक है। कार्यक्रम में अजय कुमार दास, मनोज राम, अमित राम, मुनेश्वर राम, कमल राम, प्रेम कुमार, महेंद्र प्रजापति, करू प्रजापति, कुलेश्वर राम सहित कई लोग उपस्थित थे।


