विस्थापन समेत 7 बिंदुओं पर सरकार से जवाब की मांग
रिपोर्ट एस कुमार
रांची/रामगढ़। झारखंड कुशवाहा महासभा ने बुधवार को राजधानी रांची में शक्ति प्रदर्शन का ऐलान किया है। महासभा अपने सात प्रमुख मुद्दों को लेकर राजभवन के समक्ष सुबह 11 बजे से एक दिवसीय महाधरना आयोजित। महासभा की 7 प्रमुख मांगें, ओबीसी को 27% आरक्षण पूरे राज्य में लागू हो, संगठन का कहना है कि राज्य के 6 जिलों में 27% आरक्षण लागू है, जबकि 7 जिलों में नहीं। यह असमानता समाप्त कर पूरे राज्य में एक समान 27% आरक्षण लागू किया जाए। कृषि और ग्रामीण उद्योगों को ऊर्जा व प्रोत्साहन मिले, कृषि क्षेत्र के विस्तार, किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस योजनाएं लागू की जाएं।
भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 का पूर्ण पालन, महासभा ने मांग की है कि राज्य में भूमि अधिग्रहण से जुड़ा 2013 का कानून बिना किसी भेदभाव के पूर्ण रूप से लागू किया जाए। विस्थापित परिवारों का पुनर्वास व रोजगार सुनिश्चित हो, विस्थापन से प्रभावित परिवारों को पुनर्वास, रोजगार और उचित मुआवजा देने के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए। अधिगृहित भूमि पर स्थानीयों को नौकरी में प्राथमिकता, उद्योग स्थापना के लिए अधिगृहित भूमि पर तृतीय व चतुर्थ श्रेणी की नियुक्तियों में विस्थापितों–विश्वसनीयों को प्राथमिकता दी जाए।
वर्षों से अधिगृहित लेकिन अप्रयुक्त भूमि वापस हो, ऐसी भूमि, जिसका उपयोग नहीं हुआ या जिसका लीज समाप्त हो चुका है, उसे मूल भू–स्वामियों को लौटाया जाए। इचाक प्रखंड क्षेत्र को सिसईडी जोन से बाहर किया जाए, महासभा ने मांग की है कि इससे प्रभावित गांवों को राहत मिल सके और लोगों के रोजगार व विकास के अवसर सुरक्षित रह सकें।
महासभा कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष हाकिम प्रसाद महतो, रामगढ़ जिला अध्यक्ष चतुर्भुज कश्यप और महासचिव मनोज महतो, बड़का चुम्बा मुखिया राजेंद्र प्रसाद कुशवाहा उर्फ राजू महतो, मनोज महतो, हरि महतो, दशरथ महतो, सकलदेव महतो, वीरू कुशवाहा, सूरज देव महतो, दिलेश्वर कुशवाहा, नंदू कुशवाहा, राजेश कुशवाहा, आलोक रंजन, केशव कुमार, राम प्रकाश महतो, लक्ष्मण महतो, अविनाश कुमार, बैजनाथ महतो, सुरेंद्र महतो, महेश महतो, उपेंद्र कुशवाहा, सोनू महतो, शिवम कुशवाहा, रंजीत कुमार आदि सैकड़ो लोग शामिल थे।


