पोषाहार व मानदेय भुगतान में देरी पर नाराजगी, 10 दिनों में समाधान नहीं होने पर भिक्षाटन व आंदोलन की दी चेतावनी
भुरकुंडा (रामगढ़)। झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी सेविका सहायिका कर्मचारी संघ की प्रदेश अध्यक्ष संजीदा खातुन ने अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस विधायक दल के नेता एवं संघ के संरक्षक प्रदीप यादव से मुलाकात कर आठ सूत्री मांग-पत्र सौंपा। इस दौरान संगठन की मजबूती और सेविका-सहायिकाओं की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रदेश अध्यक्ष संजीदा खातुन ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के पोषाहार भुगतान में भारी विलंब हो रहा है।
सेविकाओं को हर माह उधार में पोषाहार सामग्री खरीदकर बच्चों को गर्म भोजन उपलब्ध कराना पड़ता है, जबकि पिछले सात-आठ महीनों से पोषाहार राशि का भुगतान नहीं हुआ है। दुकानदार भी एक माह से अधिक उधारी देने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सेविका-सहायिकाओं के मानदेय भुगतान में भी कई महीनों से गड़बड़ी और देरी हो रही है। ऐसी स्थिति में सेविका-सहायिकाओं के समक्ष आर्थिक संकट गहरा गया है और उन्हें भीख मांगने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
संघ की ओर से चेतावनी दी गई कि यदि दस दिनों के भीतर पोषाहार राशि और बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, तो सेविका-सहायिकाएं सड़कों पर उतरकर भिक्षाटन करेंगी और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। मुलाकात के दौरान संरक्षक प्रदीप यादव ने आश्वासन दिया कि वे मुख्य सचिव से मिलकर समस्याओं के समाधान का प्रयास करेंगे।
उन्होंने कहा कि ‘यह मेरा संगठन है और मैं अपने संगठन की सेविका-सहायिकाओं को निराश नहीं होने दूंगा।’ साथ ही सह संरक्षक हृदयानंद यादव को समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी सौंपी। मौके पर सह संरक्षक हृदयानंद यादव, प्रदेश महासचिव सुनैना देवी, रामगढ़ जिला अध्यक्ष सफिना खातुन, राज देवी, प्रदेश प्रभारी इम्तियाज अहमद, राजेन्द्र बेदिया सहित कई लोग उपस्थित थे।


