रिपोर्ट एस कुमार
सिरका। भाकपा माले कार्यकर्ताओं एवं सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक ग्राम हेसला में जिला कमिटी सदस्य सरयू बेदिया की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न समस्याओं, रोजगार, भ्रष्टाचार तथा संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण गरीबों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के बजट में कटौती किए जाने से योजना कमजोर पड़ गई है।
इसके कारण ग्रामीण बेरोजगारों को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करना पड़ रहा है। बैठक में आरोप लगाया गया कि प्रखंड, अंचल तथा अन्य सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार और दलालों का बोलबाला है। ग्रामीण विकास योजनाओं में अनियमितता, भूमि दाखिल-खारिज में धांधली तथा भूमि ऑनलाइन डाटा एंट्री के नाम पर रिश्वतखोरी जैसी समस्याओं पर चिंता व्यक्त की गई।
वक्ताओं ने कहा कि बिना रिश्वत दिए गरीब, मजदूर, असहाय एवं वंचित लोगों के कार्य लंबित पड़े रहते हैं। इसके अलावा नीट पेपर लीक और सीबीएसई से जुड़े कथित घोटालों का मुद्दा भी उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसी घटनाओं से छात्र-युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। बैठक में छात्र-युवाओं के हितों की रक्षा तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा गया कि जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों को निजी हाथों में सौंपने की कोशिश की जा रही है तथा सार्वजनिक संपत्तियों के निजीकरण को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 28 जून 2026 को पुराना मरार पंचायत स्तरीय भाकपा माले लोकल सम्मेलन हेसला में आयोजित किया जाएगा। बैठक में लालकुमार बेदिया, छोटन मुंडा, महादेव राम, नंदलाल बेदिया, विजय प्रजापति, जगदीश बेदिया, कैलाश प्रजापति, दिलीप बेदिया, अनवर अंसारी, भीम प्रजापति, रूपलाल बेदिया, दिनू प्रजापति, बितू प्रजापति सहित दर्जनों कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित थे।