रिपोर्ट आरिफ कुरैशी
रामगढ़। रामगढ़ उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. स्वराज, नोडल पदाधिकारी डॉ. उदय शंकर श्रीवास्तव, आरसी-आईईसी सुनील कुमार मधुकर, डीडीएम रश्मि आनंद, डीपीसी आयुष्मान भारत डॉ. प्रभाष, सभी प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारी, बीपीएम, बीडीएम एवं निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत अस्पतालों में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, एबीएचए (आभा) आईडी के उपयोग तथा एचएमआईएस (एचएमआईएस) से रिकॉर्ड लिंक-अप की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी निजी अस्पताल अपने मरीजों के रिकॉर्ड को एचएमआईएस से लिंक करें तथा प्रत्येक अस्पताल में आभा आईडी काउंटर की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि यदि कोई अस्पताल बिना आभा आईडी के किसी मरीज का एडमिशन करता है तो इसे आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। बैठक में बताया गया कि नियमों का अनुपालन नहीं करने वाले अथवा बिना आभा आईडी के मरीजों को भर्ती करने वाले अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनका पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) रद्द किया जा सकता है।
साथ ही क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट के निर्धारित मानकों में कम स्कोर प्राप्त करने वाले अस्पतालों का पंजीकरण भी निरस्त किया जाएगा। उपायुक्त ने सभी अस्पताल प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि वे बैठक के उपरांत अपने-अपने संस्थानों में आंतरिक बैठक आयोजित कर सभी संबंधित कर्मियों को इन निर्देशों से अवगत कराएं तथा अनुपालन सुनिश्चित करें। इसके साथ ही बैठक की कार्यवाही (मिनट्स) साझा करने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में फार्मेसी संचालन एवं पीसीपीएनडीटी (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। सभी संबंधित संस्थानों को अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों का निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करना आवश्यक है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता, गुणवत्ता और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित होगा।