रिवरसाइड क्षेत्र की बैठक में कथित एनकाउंटर की निंदा, इंसाफ की लड़ाई को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प
भुरकुंडा (रामगढ़)। बिहार के भोजपुर जिले में भरत भूषण तिवारी की कथित एनकाउंटर में हुई मौत के विरोध में मंगलवार शाम भुरकुंडा के रिवर साइड क्षेत्र में स्थानीय लोगों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पूर्व उपप्रमुख रामाशंकर पांडेय और संचालन राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष यादव ने किया। बैठक में उपस्थित लोगों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भरत भूषण तिवारी कोई अपराधी नहीं थे, बल्कि वे भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित बिलौटी गांव में बसाए गए बाढ़ पीड़ितों के अधिकार और न्याय की लड़ाई लड़ रहे थे।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि उनकी आवाज को दबाने के उद्देश्य से 17 जून को पुलिस द्वारा गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस घटना के विरोध में 24 जून को भुरकुंडा रिवरसाइड स्थित बुधबाजार में बिहार के मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया जाएगा। इसके बाद कैंडल मार्च निकालकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी तथा उनके अधूरे संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि भरत तिवारी की लड़ाई भ्रष्ट व्यवस्था और अन्याय के खिलाफ थी। यही कारण है कि उनकी मौत के बाद बिहार ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में लोग न्याय की मांग को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं और उनकी शहादत को नमन कर रहे हैं। बैठक में यह भी तय किया गया कि पुतला दहन और कैंडल मार्च के उपरांत एक प्रतिनिधिमंडल भरत भूषण तिवारी के पैतृक गांव जाकर उनके माता-पिता से मुलाकात करेगा तथा परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करेगा।
बैठक में मुख्य रूप से मुखिया विकास पांडेय, जानकी ठाकुर, राजेश सिंह, नौशाद हुसैन, प्रशांत कुमार, मिंटू पटेल, झप्पू कुमार, रवि कुमार महतो, अभिजीत सोरेन, रविप्रकाश सिंह, शिव शंकर शर्मा, विश्वरंजन सिन्हा सहित कई गणमान्य एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।