भुरकुंडा, बांसगढ़ा और क्षेत्रीय अस्पताल में गूंजे मजदूरों के स्वर, कहा-अब और बर्दाश्त नहीं होगी देरी
भुरकुंडा (रामगढ़)। जेबीसीसीआई के 12वें वेतन समझौते के गठन में हो रही लगातार देरी को लेकर कोयला कर्मियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) संबद्ध सीसीएल कोलियरी कर्मचारी संघ ने गुरुवार को बरका-सयाल क्षेत्र की विभिन्न इकाइयों में व्यापक जनजागरण अभियान चलाते हुए प्रबंधन के खिलाफ आवाज बुलंद की।
अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के आह्वान पर आयोजित इस अभियान के तहत भुरकुंडा परियोजना, माइंस, बांसगढ़ा खदान तथा आदर्श क्षेत्रीय अस्पताल परिसर में पीट मीटिंग और गेट मीटिंग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नौशाद आलम तथा संचालन अनिल कुमार पासवान ने किया।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि 12वें वेतन समझौते के गठन में हो रही अनावश्यक देरी से कोयला कर्मियों में भारी असंतोष है। मजदूरों के वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लंबे समय तक लंबित रखना श्रमिक हितों के साथ अन्याय है। उन्होंने मांग की कि अविलंब 12वें वेतन समझौते का गठन कर कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान किया जाए।
मुख्य वक्ता शिवशंकर सिंह, सुभाष चंद्र ओझा, शंभु प्रसाद सिंह, जे.पी. अग्रवाल, कन्हैया सिंह यादव, हरिनाथ महतो एवं लक्ष्मी प्रसाद ने कहा कि 25 जून से 30 जून तक कोल इंडिया की सभी इकाइयों में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। यदि इसके बावजूद प्रबंधन ने सकारात्मक पहल नहीं की तो संगठन व्यापक और उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा।
इस दौरान मजदूरों ने एकजुट होकर प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और जल्द से जल्द 12वें वेतन समझौते को लागू करने की मांग उठाई। कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि उनके अधिकारों से जुड़े मामलों में अब किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
अभियान में ललन प्रसाद, सुखचौन सिंह, सुरेंद्र तिवारी, दिनकर कुमार सिंह, विनोद साहू, उपेंद्र सिंह, शिव कुमार, अरविंद कुमार, जगमोहन बेदिया, सतनारायण गुप्ता, केडी शरण, फारूक रजा, निर्मल महतो, मानती कुमारी, जामवंती देवी, पूजा कुमारी, बेबी देवी, बीना कुमारी, नीलम देवी सहित बड़ी संख्या में मजदूर और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।