रिपोर्ट कृष्णा करमाली।
चितरपुर (रामगढ़)। रजरप्पा क्षेत्र में स्वच्छता पखवाड़ा-2026 का सम्मान सह समापन समारोह बुधवार को उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शम्भू कुमार सिन्हा, महाप्रबंधक (उत्खनन), रजरप्पा क्षेत्र थे। इस अवसर पर स्टाफ अधिकारी (मानव संसाधन) रामानुज प्रसाद, क्षेत्रीय प्रशिक्षण अधिकारी ओपी प्रभाकर तथा क्षेत्रीय नोडल अधिकारी (सीएसआर) आशीष झा सहित विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन क्षेत्रीय नोडल अधिकारी (सीएसआर) आशीष झा ने किया। समारोह में डीएवी पब्लिक स्कूल, रजरप्पा प्रोजेक्ट, सरस्वती विद्या मंदिर, रजरप्पा प्रोजेक्ट, उत्क्रमित उच्च विद्यालय, रजरप्पा प्रोजेक्ट, एपेक्स पब्लिक स्कूल, मारंगमर्चा तथा आरके इंटरनेशनल स्कूल, मारंगमर्चा के छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। समापन समारोह के दौरान स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित स्वच्छता विषयक चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही स्वच्छता का प्रभावशाली संदेश देने वाले नुक्कड़ नाटक में उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले बच्चों को भी पुरस्कृत किया गया।कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण “कबाड़ से कंचन” प्रतियोगिता रही, जिसके अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अनुपयोगी एवं कबाड़ सामग्री से तैयार किए गए आकर्षक, उपयोगी एवं पर्यावरण-अनुकूल मॉडल प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों की रचनात्मकता और नवाचार की सभी ने सराहना की।
उत्कृष्ट मॉडल तैयार करने वाले विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्टाफ अधिकारी (मानव संसाधन) रामानुज प्रसाद ने कहा कि स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के दौरान क्षेत्र के सभी विद्यालयों ने अत्यंत उत्साह एवं सक्रियता के साथ भागीदारी निभाई है। उन्होंने सभी विद्यालयों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक सतत जन-आंदोलन है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पखवाड़ा के समापन के बाद भी विद्यालय एवं समाज स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य निरंतर जारी रखेंगे। मुख्य अतिथि शम्भू कुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत “कबाड़ से कंचन” मॉडलों की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं का रचनात्मक एवं उपयोगी रूपांतरण पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियाँ बच्चों में नवाचार, संसाधनों के सदुपयोग तथा पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करती हैं।
उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता को अपनाने तथा सिंगल यूज़ प्लास्टिक से बचते हुए स्वच्छ एवं हरित वातावरण के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। सीएसआर अधिकारी आशीष झा ने बताया कि 16 जून से 30 जून तक आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के दौरान रजरप्पा क्षेत्र में स्वच्छता शपथ, स्वच्छता जागरूकता रथ, चित्रकला प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक, जूट बैग वितरण, वॉल पेंटिंग, विशेष स्वच्छता अभियान, प्रभात फेरी तथा “कबाड़ से कंचन” प्रतियोगिता सहित अनेक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों के माध्यम से कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय समुदाय में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी का व्यापक संदेश प्रसारित किया गया।