डॉ भोगनाथ ओहदार खोरठा जगत में अद्भुत ऐतिहासिक अलख जगाने का काम किया : प्रो अनाम ओहदार
रजरप्पा। खोरठा साहित्य संस्कृति परिषद् के अध्यक्ष डॉ बीएन ओहदार (भोगनाथ ओहदार) को डॉ रामदयाल मुंडा की 86वीं जयंती के अवसर पर मुंडारी साहित्य परिषद , एवं जनजातीय शोध संस्था ,झारखण्ड सरकार द्वारा मोमेंटो , प्रशस्ति पत्र एवं शॉल ओढ़ा कर टी आर आई के पूर्व निदेशक डॉ रनेन्द्र के कर कमलों द्वारा सम्मानित किया गया ।
उल्लेखनीय है कि डॉ बी एन ओहदार विगत 45 वर्षों से खोरठा भाषा एवं साहित्य की सेवा में रत हैं। इस दरम्यान इन्होंने खोरठा भाषा एवं साहित्य , उद्भव एवं विकास, खोरठा निबंध, खोरठा साहित्यिक निबंध तथा कई पुस्तकें लिखी हैं और खोरठा भाषा, साहित्य, संस्कृति से संबंधित सैकड़ों आलेख विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में वर्ष 1980 से अब तक प्रकाशित हो चुके है। इसके अतिरिक्त इनके नेतृत्व में भाषा साहित्य से संबंधित दर्जनों साहित्य सम्मेलनों का आयोजन हुआ है।
इसके पूर्व इन्हें खोरठा रत्न,श्री निवास पानुरी स्मृति साहित्य सम्मान, रामकृष्ण परमहंश विशिष्ट साहित्य सम्मान, हिंदी साहित्य अकादमी दिल्ली एवं गया जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन की हीरक जयंती वर्ष 2008 में सम्मानित किया गया है। इनकी साहित्य सेवा को देखते हुए इन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। अधिवक्ता विक्की कुमार, रांची एवं राधा गोविंद विश्वविद्यालय, रामगढ़ के खोरठा भाषा विभागाध्यक्ष अनाम ओहदार , खोरठा साहित्य परिषद के सदस्यों तथा शुभचिंतकों ने इन्हें बधाई दी है तथा जनजातीय शोध संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया है।


