महाकुंभ से स्नान कर अयोध्या जाने के क्रम में हुई थी दुर्घटना, सात युवको का जत्थाा गया था महाकुंभ
प्रतापगढ़ से तीनों युवको का शव पहुंचते ही गमगीण हुआ माहौल, परिजनों के चित्कार से लोगों के भी नम हुई आंखें, भुरकुंडा-भदानीनगर आसपास क्षेत्रों में पसरा मातम का माहौल
भुरकुंडा (रामगढ़)। महाकुंभ से स्नान कर अयोध्या जाने के क्रम में भुरकुंडा-भदानीनगर के तीन युवक और रांची के एक युवक की यूपी के प्रतापगढ़ में मंगलवार की अहले सुबह करीब 3 बजे कार दुर्घटना में मौत हो गई थी। जबकि कार में सवार तीन युवक घायल हो गये। दुर्घटना में निधन हुए भदानीनगर निवासी अभिषेक ओझा, चिकोर निवासी सन्नाउल्ला अंसारी और भुरकुंडा जवाहर नगर हनुमानगढ़ी निवासी सौरभ कुमार के शव को प्रतापगढ़ से एक ही एम्बुलेंस में बुधवार को दोपहर ढाई बजे भुरकुंडा लाया गया।

शव के घर पहुंचते ही माता-पिता और परिजनों के चित्कार से पुरा माहौल गमगीण हो गया। वहीं उपस्थित लोगों के आंखों से भी आंसू छलक पड़े। मृतक अभिषेक ओझा और सौरभ कुमार का अंतिम संस्कार गिद्दी दामोदर नदी श्मशान घाट पर किया गया। सौरभ को मुखाग्नि छोटा भाई गौरव कुमार और अभिषेक ओझा को मुखाग्नि चाचा भोला ओझा ने दिया। इधर भदानीनगर चिकोर निवासी मो. सन्नाउल्ला अंसारी को चिकोर उपर टोला कब्रिस्तान में दफनाया गया।
अंतिम यात्रा में तीनों जगहों सैंकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। वहीं शोक संवेदनाओं का तांता लगा रहा। शोक संवेदना प्रकट करने वालो में प्राचार्य विजयंत कुमार, योगेश दांगी, राधेश्याम अग्रवाल, मनोज राम, दिलीप दांगी, डब्लु पाण्डेय, राजीव रंजन, लक्ष्मी शर्मा, अशोक राम, अशोक सोनी, दिनेश राजगड़िया, राजेश गिरी, मुना ओझा, अजय गुप्ता, आतिफ,

अमरेश सिंह, विनोद सिंह संजीव कुमार बावला, राजु पांडेय, राजेश मंडल, सतीश मोहन मिश्रा, विजय वर्णवाल, नईस आलम, संतोष अग्रवाल, अनुप ठाकुर, सन्नी कुशवाहा, सागर दांगी, बारिक अंसारी, इनुस राय, अलीमान राय, फारूख अंसारी, शमशेर, असगर अली, मुर्तुजा राय, सलिम अंसारी, कलीम अंसारी, आलम अंसारी सहित सैंकड़ो लोग शामिल हैं।
शव के घर पहुंचते ही माता-पिता और परिजनों के चित्कार से मर्माहत हुआ क्षेत्र, लोगों के आंखों से भी छलक पड़े आंसू
भदानीनगर में जैसे ही विधासागर ओझा के आवास में पुत्र अभिषेक का शव पहुंचा, चहुंओर रोन-बिलखने की आवाज से पुरा क्षेत्र मर्माहत हो गया। घर की महिलाये चित्कार मारकर अपने पुत्र को जगाने का प्रयास करती रहीं।
वही भुरकुंडा हनुमानगढ़ी पुरान सिनेमा हॉल मुहल्ला में एम्बुलेस के पहुंचते ही मृतक सौरभ की एक झलक देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सभी लोग रोते-विलखते अपने लाडले को देखना चाहते थे। घर की महिलाओं का रोना और चित्कार से पुरा मुहल्ला रो पड़ा। इधर चिकोर में भारी संख्या में लोग सन्नाउल्ला को अंतिम विदाई देने पहुंचे।
घर का एकलौता कमाऊ बेटा के इस तरह जाने से पिता नासिर अंसारी और माता का रो-रोकर बुरा हाल था। सनाउल्ल के मौत से उसके 5 वर्षीय पुत्र मो. सैफी और 9 माह की बेटी मरियम नाज बस टकटकी लगाये उमड़े भीड को देख रही थी।
उसे पत्ता ही नही की उसके अबु अब इस दुनियां में नहीं रहे। पत्नी महजनबी नाज बेसुध पड़ी थी। महिलायें एक-दूसरे से लिपट कर रो रही थीं। इस दौरान उपस्थित लोगों के भी आंखों से आंसू छलक पड़ा। वहीं भुरकुंडा, भदानीनगर आसपास के क्षेत्र मातम का माहौल पसरा रहा।


