भारत रत्न की उपाधि के हकदार हैं दिशोम गुरु शिबू सोरेन : योगेन्द्र यादव
भुरकुंडा (रामगढ़)। झामुमो रैयत विस्थापित-प्रभावित समिति एनटीपीसी पतरातू की ओर से पार्टी कार्यालय बिरसा मार्केट में रविवार को श्रद्धांजलि सह शोकसभा का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम स्व. दिशोम गुरू शिबू सोरेन के तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। साथ दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण ईश्वर से प्रार्थना की गई।
मौके पर समिति के अध्यक्ष योगेन्द्र यादव ने कहा कि झारखंड राज्य के निर्माता, सामाजिक न्याय के अप्रतिम योद्धा और दिशोम गुरु के नाम से आदिवासी समाज में पूज्य शिबू सोरेन को भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरुजी केवल राजनेता नहीं, बल्कि आदिवासी चेतना के वाहक, शोषित-वंचित वर्ग के सशक्त प्रवक्ता और सामाजिक क्रांति के प्रतीक थे।
उन्होंने नशाखोरी और महाजनी प्रथा के खिलाफ ऐतिहासिक आंदोलन चलाया, जिससे झारखंड के गांवों में जागरूकता फैली। शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने कई पहल की, ताकि आदिवासी समाज ज्ञान के माध्यम से सशक्त हो सके। झारखंड अलग राज्य आंदोलन से लेकर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के रूप में गुरुजी ने हमेशा जनहित को प्राथमिकता दी। उनका जीवन त्याग, संघर्ष और सेवा की मिसाल है।
उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी और देश की लोकतांत्रिक व सामाजिक चेतना को गौरवान्वित करेगा। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालो में समिति के अध्यक्ष योगेंद्र यादव, सचिव मुमताज अंसारी, प्रखंड अध्यक्ष राजेंद्र माहतो, प्रखंड सचिव उदय मालाकार, आंदोलनकारी नेता आजाद अंसारी, वरिष्ठ नेता शोकत अंसारी, अशोक रजक, सुनील मुंडा, इरशाद अंसारी, बंटी पांडेय, मतलुब खान, देवानंद माहतो, ईश्वर प्रसाद, पंकज मुंडा, विकास यादव, जितेंद्र यादव, कुणाल यादव, सुकेश मुंडा, रोशन मुंडा, अनिल मुंडा, विशाल मुंडा, बिरेंद्र मांझी, राजकिशोर पांडेय सहित कई लोग शामिल थे।


