बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम ने मोहा मन, प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागी हुए पुरस्कृत
प्रतिभा के धनी है यहां के विद्यार्थी : अम्बा प्रसाद
भुरकुंडा (रामगढ़)। सौदा पब्ल्कि स्कूल सौंदा बस्ती में पूरे धुमधाम व भक्तिभाव के साथ सरस्वती पूजा मनाई गई। इस दौरान विद्यालय प्रांगण में आकर्षक विद्युत सज्जा और भव्य पूजा-पंडाल का निर्माण कर मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई। जहां पुरोहितों द्वारा विद्यार्थियों व शिक्षकों की उपस्थित में पूरे विधि-विधान से वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना कराई गई।
पूजा-अर्चना के दौरान मां सरस्वती सहित अन्य आराध्य देवी-देवताओं के गगनभेदी उदघोष से पूरा क्षेत्र गूंजायमान होता रहा। पूजा के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन विशिष्ट अतिथि बिरसा परियोजना पदाधिकारी सुबोध कुमार और पूर्व मुखिया दयानंद ने दीप प्रज्जवलित कर किया।

इसके पूर्व विद्यालय के सचिव सह प्राचार्य अमित कुमार द्वारा अतिथियों को बुके देकर स्वागत किया गया। समारोह में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। समारोह में मुख्य अतिथि पूर्व विधायक अंबा प्रसाद आदि अतिथियों ने पूर्व में हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं के सफल विद्यार्थियों को ट्रॉफी, मेडल व उपहार देकर पुरस्कृत किया।
मौके पर पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने कहा की शिक्षा जीवन का अनमोल रत्न है। शिक्षा के बिना बेहतर समाज और जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि यहां के बच्चे हर क्षेत्र में प्रतिभा के धनी हैं। इस विद्यालय में बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी दिये जाते हैं, जिसके लिए विद्यालय परिवार बधाई के पात्र हैं।

उन्होंने कहा की पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी करयिर की असीम संभावनाएं हैं। अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष मत्था टेक क्षेत्र की हरियाली-खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मौके पर सुखदेव प्रसाद, अरुण प्रसाद, मिंटू प्रसाद,
अखिलेश प्रसाद, श्रीकांत प्रसाद, विनोद प्रसाद, जनक प्रसाद, किशोर साव, निरंजन प्रसाद, हरिहर साव, उमेश प्रसाद उपस्थित थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में सुमन देवी, नीरज सिन्हा, अर्पण शर्मा, चंचला राणा, काजल सिन्हा, प्राची प्रज्ञा, रामपूजन ठाकुर, दिनेश प्रसाद, जसींता टेटे, पल्लवी सिन्हा शालू, अपराजीता सोनी, सहित विद्यालय परिवार का विशेष योगदान रहा।


