भुरकुंडा (रामगढ़। इनमोसा के सभी पदाधिकारी की गुरुवार को बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता संजीव कुमार दुबे और संचालन प्रभास दास ने किया। बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा की गई। कहा गया कि लगभग 2 साल से हमलोग क्षेत्रीय कमिटी का चुनाव सही तरीके से करवाने और लगभग 10 से 15 वर्षों से क्षेत्रीय कमिटी का पैसा का लेनदेन का हिसाब किताब जो आज तक नहीं हुआ है।
जिसका विरोध किया जा रहा था। इस बाबत ऊपर के पदाधिकारी को जानकारी भी दी गई, लेकिन किसी तरह की सुनवाई नहीं गई। कहा गया कि ऊपर के पदाधिकारी द्वारा घर में एरिया का कमेटी बना देना, किसी को जानकारी ना देना, किसी भी तरह का विरोध करने पर इनमोसा से निकाल देने की धमकी देना और व्हाट्सएप के माध्यम से बाहरी लोग कह कर संबोधित करना बर्दाश्त से बाहर है।
इतना ही नहीं बिना किसी सूचना के भुरकुंडा कमेटी को भंग कर दिया गया है जो कहीं से उचित नहीं है। जानबूझकर ये लोग ऐसा इसलिए कर रहे हैं कि जब ब्रांच का कमेटी भंग हो जाएगा तो एरिया में यह लोग आवाज नहीं उठा पाएंगे। आवाज को पूरी तरह दबाने के लिए अंग्रेज शासन लागू किया जा रहा है।
यहां हमलोगों का कोई सुनने वाले नहीं है। इनमोसा महामंत्री से लेकर इनमोसा के सीसीएल अध्यक्ष तक हमलोगो के बातो अनदेखा कर रहे हैं। कहा गया कि हम लोग पत्र के माध्यम से भी इन लोगो को अवगत कराए थे पर कोई जवाब नहीं आया। इसलिए हमलोग बाध्य होकर इस इनमोसा के सदस्य नहीं रहना चाहते हैं।
हम लोगों ने एक आवेदन बनाया है। जिसकी कॉपी इनमोसा सीसीएल अध्यक्ष और महामंत्री को भेज रहे हैं कि हमलोग पीएन मिश्रा के इनमोसा में नहीं रहना चाहते हैं। इस बाबत कई लोगों सामूहिक रूप से इनमोसा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
इस्तीफा देने वाले सदस्यों में संजीव कुमार दुबे, प्रभास दास, राज किशोर यादव, नारायण साव, बसंत कुमार बासपत, अरविंद कुमार सहाय, रविंद्र कुमार शाह, मनोज कुमार सिंह, सुरेश, भादो मुर्मू, मनोज कुमार राम, मनोज कुमार सिंह, पप्पू सिंह, शशि भूषण सिंह, हरिहर टुडू, अनिल कुमार पासवान, विनोद साव, बैजनाथ कुमार, ओम प्रकाश ओझा, रामानुज प्रसाद, रामदेव महतो, नीरज कुमार मोहनता आदि शामिल हैं।


