गुरू जी के संघर्ष और नेतृत्व का परिणाम ही झारखंड राज्य का गठन है : दर्शन गंझू
भुरकुंडा (रामगढ़)। दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर केंद्रीय मिलन सरहुल पूजा समिति रिवर साइड भुरकुंडा के केंद्रीय स्थल पर रविवार को समिति के केंद्रीय अध्यक्ष दर्शन गंझू की अध्यक्षता में शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा में स्व. दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष दर्शन गंझू ने कहा कि शिबू सोरेन केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश में नेल्सन मंडेला की तरह आदिवासी,
दलित, शोषित, पीड़ित और वंचितों के मसीहा के रूप में खड़े रहे। उनके संघर्ष और नेतृत्व का परिणाम ही झारखंड राज्य का गठन है। उनका निधन न केवल झारखंड, बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं। उन्होंने कहा कि आज हर ओर मायूसी का माहौल है और उनका जाना हम सबके लिए गहरी पीड़ा का विषय है।
शोक व्यक्त करने वालों में मिथिलेश टुडू, देव कुमार बेदिया, राजकुमार, कलाम, देवानंद बेदिया, तारणी बेदिया, रितिका भोक्ता, संजय लिंडा, संजय टुडू, योगेंद्र ठाकुर, राजेंद्र पाहन सहित कई लोग शामिल थे।


