रजरप्पा । चितरपुर के दारूल क़जा़ इमारत शरिया के काजी ए शरीयत कलीम उल्लाह मज़हर क़ासमी ने बयान जारी कर कहा कि सदका-ए-फितर हर ऐसे मुसलमान पर वाजिब है। जिसके पास ईद के दिन असली जरूरत से ज्यादा और कर्ज के अलावा साढे सात तोला सोना यानी 87 ग्राम 480 मिली सोना या साढ़े बावन तोला चांदी यानी 612 ग्राम 360 मिली ग्राम चांदी या दोनों को मिलाकर किसी एक की किमत के बराबर हो जाए
तो ऐसे व्यक्ति पर ईद की नमाज़ से पहले अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की तरफ से सदका फित्र निकालना वाजिब है। प्रति व्यक्ति सदका फितर की मिकदार एक सा यानी एक किलो 692 ग्राम गेहू एवं आटा से और खजूर, किशमिश, जौ एवं पनीर से एक सा यानी 1 किलो 384 ग्राम के बराबर होता है।
रामगढ़ जिले और आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों औसत दर्जा का गेहूं जिस कीमत पर बेचा जा रहा है, उसके मुताबिक रूपए अदा करने की सुरत में इस साल 2025 में कम से कम 60 रुपए अदा करें। साहेब ए हैसियत शख्स को चाहिए कि हदीस में जिन अन्य वस्तुओं से सदका-ए-फितर अदा करने का जिक्र किया गया है, उनसे भी अदा करे, ताकि गरीबों का जयादह से ज्यादा फायदा हो।

