रजरप्पा। प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राधा गोविन्द यूनिवर्सिटी के खोरठा विभाग में शनिवार 23 अगस्त को पद्मश्री डॉ. रामदयाल मुंडा की 86वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. मुंडा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता खोरठा विभाग के विभागाध्यक्ष अनाम ओहदार ने की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डॉ. रामदयाल मुंडा “माय, माटी और मानुष” के सच्चे पक्षधर थे।
झारखंड की भाषा और संस्कृति को समृद्ध करने में उनका अभूतपूर्व योगदान रहा। जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग की स्थापना उनकी ही देन है, जिसके अंतर्गत आज झारखंड की जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई एक ही छत के नीचे हो रही है। वे सभी भाषाओं के गहन जानकार थे और झारखंडी संस्कृति को अमेरिका तक पहुंचाया। उनके जीवन का मूल मंत्र रहा “जे नाची से बाची”।
इतिहास विभाग की प्राध्यापिका डॉ. ममता ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस मौके पर इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. पूनम कुमारी, हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मनमीत कौर, प्राध्यापक डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा, डॉ. सत्येंद्र कुमार, साइकोलॉजी विभाग के प्राध्यापक डॉ. भारती, मौसमी पॉल, विक्रम कुमार, इंग्लिश विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. कार्लोस टोप्पो, लॉ विभाग की प्राध्यापिका मनीषा कुमारी, आलोक कुमार, सोनू कुमार, लाइब्रेरी साइंस की श्वेता कुमारी समेत विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।पूरे कार्यक्रम में डॉ. मुंडा के विचारों और योगदान को याद किया गया तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।

