रिपोर्ट आरिफ कुरैशी
रामगढ़। पुलिस अधीक्षक अजय कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को एसपी कार्यालय स्थित सभागार में अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान कोर्ट से संबंधित मामलों, लंबित कांडों, हत्या, पोक्सो, आगजनी, नक्सल, साइबर धोखाधड़ी, एनडीपीएस, लूट, डकैती, महिला उत्पीड़न जैसे गंभीर मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में एसपी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि टीएसपीसी / पीएलएफआई सक्रिय सदस्यों का प्रोफाइल तैयार कर निगरानी रखी जाए।
जेल से बाहर आए अभियुक्तों का सत्यापन कर उन पर कड़ी नजर रखी जाए। प्रत्येक थाना/ओपी प्रभारी रोजाना मॉर्निंग मीटिंग कर पदाधिकारियों को टास्किंग दें। लंबित सम्मन, वारंट, कुर्की, पासपोर्ट, चरित्र सत्यापन व मालखाना संबंधी मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाए। महिला उत्पीड़न (पोक्सो एवं दुष्कर्म) के मामलों का निपटारा 2 माह के भीतर हो। सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए।
दुकानों के सामने सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए दुकानदारों को प्रोत्साहित किया जाए। डायल 112 पर आने वाली शिकायतों का समय पर निपटारा हो। गिरफ्तार आरोपियों के फिंगरप्रिंट एनएएफआईएस पर अपडेट किए जाएं। जुआ, अवैध शराब और गांजा के खिलाफ विशेष छापेमारी कर सख्त कार्रवाई की जाए। एसपी ने कहा कि थाना और ओपी प्रभारी क्षेत्र में भ्रमणशील रहें, वाहन चेकिंग करें, आपराधिक गिरोहों पर पैनी नजर रखें और सबूतों के आधार पर गिरफ्तारी करें।
साथ ही थाना क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों पर निगरानी रखकर सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि एनडीपीएस मामलों में जरूरत पड़ने पर राज्य से बाहर जाकर गिरफ्तारी की जाए और जब्त गांजा/डोडा को न्यायालय की अनुमति से नष्ट किया जाए।
आम जनता की शिकायतों को गंभीरता से सुनकर त्वरित समाधान करने तथा वीआईपी मूवमेंट के दौरान पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने पर भी जोर दिया गया। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पतरातू/रामगढ़), सभी थाना/ओपी प्रभारी, यातायात थाना प्रभारी, पुलिस केंद्र के पदाधिकारी सहित विभिन्न शाखा प्रभारी उपस्थित थे।


