नम आंखों से मां सरस्वती को दी गई विदाई, भव्य भंडारा का हुआ अयोजन, सैंकड़ों लोगों ने ग्रहण किया प्रसाद
भक्ति आयोजनो से क्षेत्र में हरियाली-खुशहाली का आगमन होता है : श्रीनिवास अग्रवाल
भुरकुंडा (रामगढ़)। जवाहर नगर ज्योति क्लब दुर्गा मंडप में हवन-पुर्णाहुति के साथ बुधवार को सरस्वती संपन्न हो गया। इस अवसर पूजा समिति द्वारा भव्य भंडारा का आयोजन किया गया। इसके पूर्व पुरोहित द्वारा पूरे विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की गई। पूजा के दौरान मां सरस्वती सहित अन्य आराध्य देवी-देवताओं के भक्ति जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा।
पूजा के बाद भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इसके बाद गाजे-बाजे और नाचते-गाते हुए नम आंखों से मां सरस्वती को विदाई दी गई। संध्या में भव्य भंडारा का आयोजन किया गया। भंडारा का शुभारंभ समाजसेवी श्रीनिवास अग्रवाल, दीपक कुमार, डीके पंडित और अप्पू मिश्रा ने श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण कर किया।
मौके पर समाजसेवी श्रीनिवास अग्रवाल ने कहा कि हिन्दू समाज में माता सरस्वती साहित्य, संगीत, कला तथा विद्या की देवी के रुप में प्रतिष्ठित हैं। मां सरस्वती को वीणा पुस्तक धारिणी कहा गया है। उनमें भाव, विचार एवं संवेदना का त्रिविध संगम है। जहां वीणा संगीत की वहीं पुस्तक विचारों की और मयूर वाहन कला की अभिव्यक्ति है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनो से क्षेत्र में भक्ति का संचार बढ़ता है। साथ ही श्रद्धालुओं को भक्ति के सागर में डुबकी लगाने का अवसर मिलता है। समाजसेवी श्री अग्रवाल ने कहा कि भक्ति आयोजनो से क्षेत्र में हरियाली-खुशहाली और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। धार्मिक अनुष्ठान को संपनन कराने में अनुज, जॉनसन, नैतिक, अतुल शर्मा, गौतम, विवेक, यश, अंकित, अक्षत, कुणाल, सागर, नेहाल, विवेक, आयुष सहित सरस्वती पूजा समिति का विशेष योगदान रहा।


