रजरप्पा। सांस्कृतिक कार्य निदेशालय, पर्यटन कला संस्कृति खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग झारखंड सरकार के आदेश से “जनमत शोध संस्थान ,दुमका” द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय लोककला एव हस्तशिल्प प्रदर्शनी में जनमत शोध संस्थान के सचिव श्री अशोक सिंह द्वारा विशेष आमंत्रण पर हरिणा, बाघमारा, धनबाद के निवासी बिष्णु देव महतो “अलबेला” ने खोरठा ,मगही एवं असमिया तीन भाषाओं में लोकगीत की प्रस्तुति देकर विक्रमशिला विद्यापीठ के कुलपति डॉ रामजन्म मिश्र के हाथों अंग वस्त्र से सम्मानित हुए।
प्रांत के विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंचों में अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से दर्शकों को मुग्ध करने वाले ‘अलबेला’ जी पेशे से शिक्षक के साथ-साथ कवि ,गीतकार ,गजलकार एवं मंजे हुए रंगकर्मी हैं । ज्ञात हो कि “अलबेला” जी को कला संस्कृति के क्षेत्र में विशेष योगदान हेतु ‘झारखंड सेवा सम्मान ,2025’ एवं मंचों पर अपनी बेहतरीन प्रस्तुति एवं उत्कृष्ट रचना के लिए साझा काव्य संग्रह ‘कृष्णायण’ एवं अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था साहित्योदय द्वारा आयोजित कृष्णायण अखंड काव्य पाठ के लिए ‘लंदन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ का प्रमाण पत्र सहित विभिन्न मंचों से सैकड़ो सम्मान प्राप्त हुआ है।
