रिपोर्ट आरिफ कुरैशी
रामगढ़। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद और भारतीय विज्ञान एवं शिक्षा अनुसंधान संस्थान पुणे (आईआईएसईआर पुणे) के तत्वावधान से सीएम एसओई बालिका उच्च विद्यालय रामगढ़ में 08 सितम्बर से 10 सितम्बर तक तीन दिवसीय विज्ञान और गणित लैब के लिए कैशैड वर्कशॉप का आयोजन किया गया। जिसमें जिले भर के 60 शिक्षकों को एसटीईएम के तकनीकों एवं नवीनतम शैक्षणिक उपकरणों का उपयोग कर विद्यार्थियों में गणित एवं विज्ञान की अभिरुचि विकसित करने का पद्धति सिखाया गया।

एसटीईएम के तकनीकों एवं नवीनतम शैक्षणिक उपकरणों का उपयोग कर विद्यार्थियों में गणित एवं विज्ञान की अभिरुचि विकसित करने के उद्देश्य यह वर्कशॉप आयोजन किया गया। वर्कशॉप रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री, ब्रिटिश काउंसिल, टाटा ट्रस्ट और टाटा टेक्नोलॉजीज द्वारा कार्यान्वित किया गया। राज्य शिक्षा परियोजना निदेशक सह झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद निदेशक शशी रंजन और गुणवत्त शिक्षा के राज्य पदाधिकारी डॉ. अभिनव कुमार का भी मार्गदर्शन मिला।
वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमारी नीलम ने कहा कि गणित और विज्ञान का जीवन के हरेक क्षेत्र पर हमें काम आती हैं। यह विधि बच्चों को बतलाए। वहीं एडीपीओ नलिनी रंजन ने इसे अपने विद्यालयों में लागू करने की बात कहा। इस तरीके से पढ़ाने पर बच्चे रुचि लेकर विद्यालय आएंगे। शिक्षकों और छात्रों में नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ाना है उद्देश्य उक्त कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और छात्रों में आलोचनात्मक सोच और प्रयोगात्मक मानसिकता को प्रोत्साहित कर नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ाना है।
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा स्कूलों में बनाये गए इंटीग्रेटेड लैब/ विज्ञान प्रयोगशाला/ एसटीईएम लैब्स में अधिष्ठापित मॉडल्स, गतिविधियों से शिक्षकों को अवगत कराना और उसे करके दिखाना है। राज्य के विद्यार्थियों का इंस्पायर अवार्ड्स – मानक में भी ज्यादा से ज्यादा पंजीकरण कराना है, जो देश के बच्चों को नवाचार में बढ़ावा देने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार की एक योजना है। प्रशिक्षण में रटने की जगह समझने की प्रवृति को प्राथमिकता दी गई।
बच्चों को आस -पास के परिवेश से जोड़ने के साथ दैनिक जीवन की घटनाओं का उदाहरण देकर विज्ञान और गणित की शिक्षा देने की बात कही गई। पूछताछ और गतिविधि-आधारित तथा विज्ञान एवं गणित को अन्तर्विषयक (अंतःविषय) बना कर बच्चों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। महाराष्ट्र बिहार, उत्तराखंड , सिक्किम एवं लद्दाख में आईआरआईएस मैं वृद्धि कार्यक्रम की सफलता के साथ झारखंड राज्य, जहां इस कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है।
इस कार्यशाला में आईआरआईएस आईआईएसईआर पुणे से राज्य समन्वयक शिवानी पुलसे, जिला के मास्टर ट्रेनर विकाश प्रसाद, अंजय कुमार अग्रवाल, चंदा सिन्हा,संतोष कुमार राय, पप्पू मंडल, रक्षित कुमार दास ,ममता कुमारी सिंह, अजीत कुमार, शत्रुंजय कुमार, मजिद आलम, सुनील कुमार, राजीव कुमार गुप्ता, मनोज कुमार मधुमीता, रागिनी, ममता भारती, निर्मला कुमारी, सत्या कुमारी सहित जिले भर के गणित और विज्ञान के शिक्षक शामिल थे।


