भुरकुंडा (रामगढ़)। ग्राम लबगा स्थित पंचमहिनी मंदिर के समीप फोरलेन सड़क के तीखे मोड़ तथा नलकारी नदी पुल क्षेत्र में सड़क पर गिर रही डस्ट (राख/कोयला धूल) के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। एनटीपीसी से निकलने वाली डस्ट की सप्लाई के दौरान वाहनों से धूल सड़क पर गिरकर मोटी परत के रूप में जम रही है,
जिससे राहगीरों और दोपहिया चालकों के लिए आवागमन जोखिमभरा हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, विशेषकर तीखे मोड़ पर डस्ट की मोटी परत के कारण सड़क अत्यधिक फिसलन भरी हो गई है। मोटरसाइकिल एवं साइकिल सवार आए दिन फिसलकर घायल हो रहे हैं।
इसके बावजूद अब तक न तो प्रबंधन और न ही स्थानीय या जिला प्रशासन द्वारा कोई ठोस पहल की गई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन, रामगढ़ जिला के अध्यक्ष रामेश्वर गोप ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि विकास के नाम पर क्षेत्र में प्रदूषण और लापरवाही को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि डस्ट का परिवहन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं हो रहा है। वाहनों को पूरी तरह ढंककर नहीं भेजा जा रहा, जिससे सड़क पर धूल गिर रही है और आमजन की जान जोखिम में पड़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
उन्होंने कंपनी प्रबंधन से मांग की कि डस्ट परिवहन के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए, सभी वाहनों को पूरी तरह कवर किया जाए तथा नियमित रूप से सड़क की सफाई सुनिश्चित की जाए। राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने स्थानीय एवं जिला प्रशासन से तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने, सड़क की सफाई कराने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।


