रिपोर्ट एस कुमार
रामगढ़। रामनवमी के अंतिम मंगला जुलूस को लेकर रामगढ़ जिले में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रशासन द्वारा जुलूस मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। मंगलवार को रामनवमी पर्व के अवसर पर अंतिम मंगला जुलूस निकाला जा रहा है, जिसमें रामगढ़ जिले के लगभग 39 अखाड़े (लाइसेंसी-25 एवं गैर लाइसेंसी-13) शामिल होकर सिद्धू कान्हू मैदान में एकत्रित हो रहे हैं। पुलिस अधीक्षक अजय कुमार स्वयं क्षेत्र में मौजूद रहकर जुलूस मार्गों की निगरानी कर रहे हैं। जुलूस चट्टी बाजार, गोला चौक, थाना चौक एवं फुटबॉल मैदान होते हुए सिद्धू कान्हू मैदान पहुंच रहा है।
संवेदनशील स्थानों पर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत करीब 150 पुलिस पदाधिकारी एवं 600 से 700 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। सभी थाना क्षेत्रों में बाइक दस्ता सक्रिय है, वहीं रामगढ़, बरकाकाना एवं रजरप्पा में अलग से क्यूआरटी टीम का गठन किया गया है। पुलिस कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रखा गया है, जहां पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी की तैनाती की गई है। कंट्रोल रूम के माध्यम से जुलूसों की स्थिति, संख्या एवं गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सभी डीएसपी स्तर के अधिकारियों को 2 से 3 थाना क्षेत्रों की जिम्मेदारी सेक्टर बनाकर सौंपी गई है, जिनके सहयोग के लिए निरीक्षक एवं अवर निरीक्षक स्तर के अधिकारी तैनात हैं। सुरक्षा के मद्देनजर एंटी राइट गियर को तैयार रखा गया है। जुलूस मार्गों के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही सभी थाना क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है तथा जुलूस मार्गों के आसपास के घरों की छतों की भी जांच की जा रही है।
संभावित खतरे को देखते हुए निर्माण सामग्री एवं पत्थरों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। असामाजिक तत्वों एवं उपद्रवियों के विरुद्ध बीएनएसएस की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। प्रत्येक जुलूस के साथ पुलिस बल के साथ-साथ सिविल ड्रेस में भी कर्मियों की तैनाती की गई है, जिनका मुख्य कार्य निगरानी रखना है। प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी दोनों समुदाय आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए रामनवमी पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाएंगे।
पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी भ्रामक या अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट से बचें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या डायल-112 पर दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।


