भुरकुंडा (रामगढ़)। जवाहर नगर भुरकुंडा निवासी एवं सेवानिवृत्त सीसीएल कर्मी तथा प्रख्यात कवि अजीम अंसारी का गुरुवार को निधन हो गया। वे कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और अपने पैतृक गांव उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मेहनाजपुर में रह रहे थे। परिजन बेहतर इलाज के लिए उन्हें रांची ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही भुरकुंडा सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
पार्थिव शरीर को भुरकुंडा स्थित उनके आवास लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। शुक्रवार को भुरकुंडा कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। स्वर्गीय अजीम अंसारी साहित्य जगत की एक सम्मानित शख्सियत थे। अपनी कविताओं और रचनाओं के माध्यम से उन्होंने समाज, संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया। उन्हें विभिन्न साहित्यिक एवं सामाजिक मंचों द्वारा कई सम्मान प्राप्त हो चुके थे।
वे अखिल भारतीय कवि सभा के संयोजक के रूप में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। अपने पीछे वे दो पुत्र, तीन पुत्रियां सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन पर महेश्वर साहु, विनय सिंह चौहान, दीपक प्रसाद, निर्मल राम, शमशेर अंसारी, यशवंत सिंह, पप्पू अंसारी, अमित सिंह, संजय मंडल, शौकत अंसारी, मारूफ खान, मनौव्वर अंसारी, रूस्तम अंसारी, बंटू मिश्रा, ललन सिंह समेत अनेक लोगों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे साहित्य और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया।