रिपोर्ट एस कुमार
सिरका। खान बचाव केंद्र, रामगढ़ के अधीक्षक (बचाव सेवा) विकास कुमार ने रेस्क्यू सेवा के बदले 5000 रुपये लेने संबंधी लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और बेबुनियाद बताया है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि 13 जून 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे सिरका परियोजना पदाधिकारी, सीसीएल तथा 11:05 बजे रामगढ़ थाना प्रभारी द्वारा सूचना दी गई कि अरगड्डा क्षेत्र के काजू बागान में अवैध भूमिगत खनन के दौरान कुछ लोग फंस गए हैं, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालना आवश्यक है।
सूचना मिलते ही अधीक्षक (बचाव सेवा) के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम 11:07 बजे घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। बचाव दल के सदस्यों ने विषम परिस्थितियों में संकरे अवैध मुहानों से अंदर प्रवेश कर कीचड़ एवं अन्य जोखिमों को पार करते हुए चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला तथा प्रशासन और स्थानीय लोगों की उपस्थिति में उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा। विज्ञप्ति के अनुसार, इसी दौरान लगभग 11:30 बजे बुध बाजार निवासी राहुल कुमार अपने सात-आठ साथियों के साथ माइंस रेस्क्यू स्टेशन, रामगढ़ कार्यालय पहुंचे और वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करते हुए
कार्यालय परिसर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। उन्हें बताया गया कि रेस्क्यू टीम सूचना मिलते ही घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है, इसके बावजूद वे लोग उत्पात मचाते रहे और कार्यालय के मुख्य द्वार का शीशा तोड़ दिया। घटना के फोटो और वीडियो उपलब्ध होने का दावा किया गया है। अधीक्षक (बचाव सेवा) ने बताया कि सुरक्षा कर्मियों द्वारा उपद्रवियों को रोके जाने, उनकी मोटरसाइकिल जब्त किए जाने तथा पुलिस शिकायत की बात कहे जाने पर उन्होंने शीशे की मरम्मत के लिए 5000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। उन्होंने यह भी कहा कि मरम्मत कराने के बाद उक्त राशि वापस ले लेंगे।
इसके बाद वे वहां से चले गए। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि 15 जून 2026 को विभिन्न समाचार पत्रों में नेता प्रतिपक्ष एवं झारखंड विधानसभा के सदस्य बाबूलाल मरांडी का यह बयान प्रकाशित हुआ कि उन्हें सूचना मिली है कि खान बचाव केंद्र, रामगढ़ के बचाव दल ने 5000 रुपये लेने के बाद रेस्क्यू कार्य किया। खान बचाव केंद्र ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि 5000 रुपये की राशि कार्यालय में तोड़फोड़ से क्षतिग्रस्त शीशे की मरम्मत के संदर्भ में दी गई थी, जिसका रेस्क्यू अभियान से कोई संबंध नहीं है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि खान बचाव केंद्र, रामगढ़ एक आपातकालीन एवं वैधानिक संस्था है, जो हर संकट की घड़ी में तत्परता से बचाव कार्य करती है। संस्था का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा गलत और भ्रामक जानकारी देकर नेता प्रतिपक्ष को गुमराह किया गया है। अंत में अधीक्षक (बचाव सेवा) ने कहा कि इस प्रकार के भ्रामक और असत्य आरोप उन बचावकर्मियों का मनोबल गिराते हैं, जो अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जिंदगी बचाने का कार्य करते हैं। उन्होंने आरोपों का पुरजोर खंडन करते हुए तथ्यों को सार्वजनिक करने की बात कही है।